दमोह शहर के युवाओं की एक टीम बेसहारा लोगों का अंतिम संस्कार करने का बीड़ा उठाए है, जो बहुत पुण्य का काम है। क्योंकि जिसका कोई नहीं होता, उस व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने कोई आगे नहीं आता। लेकिन यह युवा उस व्यक्ति को अपने परिवार का सदस्य समझकर उसकी शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार करते हैं। अभी तक यह लोग दर्जनों लोगों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं।
मंगलवार को दमोह के बजरिया वार्ड नंबर चार में रहने वाली बेसहारा महिला फूलबाई रैकवार का अंतिम संस्कार किया गया। यह वृद्ध महिला वार्ड में अकेले ही रहती थी, उनके कोई रिश्तेदार नहीं थे। सोमवार की रात में उनका निधन हो गया। जब वार्ड के लोगों को बेसहारा महिला के निधन की खबर लगी। तब स्थानीय युवाओं ने महाकाल मित्र मंडल के साहिल विरमानी को फोन पर सूचना देकर बताया कि उक्त महिला फूलबाई रैकवार के कोई परिजन नहीं है। तत्काल ही महाकाल मित्र मंडल के साहिल विरमानी, जेपी मिश्रा, कल्लू चौबे, प्रकाश गोस्वामी, करीम खान, इजराइल खान बेसहारा महिला के घर पर पहुंचे। विधि-विधान से हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम शव यात्रा निकाली और जटाशंकर मुक्ति धाम में टीम के सदस्यों के द्वारा अंतिम संस्कार किया गया।
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महाकाल मित्र मंडल के साहिल विरमानी ने बताया कि जिसका कोई नहीं है, उसकी मदद करने में मन को संतुष्टि प्राप्त होती है। हमारे महाकाल मित्र मंडल के सभी सदस्य दमोह जिले में निरंतर सेवा कार्य कर रहे हैं।
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महाकाल मित्र मंडल के सदस्य जेपी मिश्रा ने बताया कि हमारी संस्था का कार्य बिल्कुल गैर राजनीतिक रहता है। जब भी कभी ऐसी सूचना मिलती है। तो हमारे सदस्य उस व्यक्ति को अपना परिवार का सदस्य मानकर सेवा करते हैं। हमारी महाकाल मित्र मंडली ने दो दर्जन से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार किया गया है।