दमोह शहर के फुटेरा तालाब में 26 फरवरी की दोपहर एक अज्ञात युवक का शव मिला था। जिसकी शिनाख्त जिला अशोकनगर निवासी के रूप में हुई। युवक प्रयागराज महाकुंभ से गायब हो गया था और परिजन लगातार उसकी खोज कर रहे थे। शनिवार रात परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और शव को लेकर रवाना हो गए। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर युवक तालाब पहुंचा कैसे।
यह है मामला
शहर के फुटेरा तालाब के समीप 26 फरवरी को एक अज्ञात व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। शव को केवट समाज के युवक द्वारा देखा और उसे किनारे लाया गया और पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर अज्ञात शव का पंचनामा भरकर शव को जिला अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। दो दिन तक अज्ञात शव की शिनाख्त नहीं हो पाई, इसके बाद शव को दफनाने के लिए पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराने भेजा गया।
शनिवार सुबह डॉक्टर विक्रम पटेल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया, तभी पेंट के अंदर वाले जेब से जिला अस्पताल दमोह की पर्ची निकली, जिसमें एक मोबाइल नंबर लिखा था। पुलिस के द्वारा मोबाइल नंबर पर फोन लगाया तो मृतक के परिजनों से बात हुई। उन्हें सूचित किया गया और शव को वापस जिला अस्पताल के शव गृह में रखा गया।
प्रयागराज महाकुंभ से हुआ था गायब
शनिवार देर रात परिजन दमोह जिला अस्पताल पहुंचे और शव को देखकर उसे पहचान गए। शव की पहचान अमर पिता गूमन सिंह लोधी 46 निवासी मूडरा, मुंगावली जिला अशोकनगर के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि बेटा अमर सिंह चंदेरी में आबकारी विभाग में पदस्थ सैनिक केएस राणा के निवास पर काम करता था। 21 फरवरी को अपने साथियों के साथ प्रयागराज महाकुंभ के लिए निकला था।
कुंभ में स्नान और पूजा अर्चना के बाद वह अचानक साथियों से बिछड़ गया साथियों ने खोजा, लेकिन पता नहीं चला तो वह घर वापस रवाना हो गए। इसके बाद अमर 22 फरवरी को कटनी से होते हुए पेट दर्द देने के कारण दमोह पहुंचा। 24 फरवरी की सुबह 10:32 बजे उसने जिला अस्पताल की पर्ची कटाई फिर डॉक्टर को दिखाया, लेकिन इसके बाद 26 फरवरी को उसका फुटेरा तालाब में शव मिला।
मृतक फुटेरा का तालाब क्यों और कैसे पहुंचा और कैसे इसकी मौत हुई...इसकी पूरी जांच सिटी कोतवाली पुलिस कर रही है। देर रात प्रधान आरक्षक घासी राम, टीआर पटैल ने परिजनों को शव सुपुर्द कर दिया और वह निजी एंबुलेंस से शव लेकर घर रवाना हो गए।