दमोह की सात शराब दुकानें अब शहर से बाहर शिफ्ट की जा रही हैं, क्योंकि इनका लगातार विरोध हो रहा था। एक अप्रैल से नया टेंडर होने के साथ ही इनके स्थान बदल जाएंगे। वहीं, दमोह में 58 शराब दुकानों की टेंडर प्रक्रिया उलझ कर रह गई है। पहले एक समूह को ठेका दिया जा रहा था, लेकिन कोई ग्रुप आगे नहीं आया, जिसके कारण इन्हें सात समूहों में बांटा गया। वहीं, गुरुवार को बटियागढ़ और हिंडोरिया समूह की टेंडर प्रक्रिया बंद कमरे में कर दी गई।
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जिले की 58 शराब दुकानों की टेंडर प्रक्रिया गुरुवार देर शाम तक चली। इस दौरान बटियागढ़ और हिंडोरिया ग्रुप की दुकानों के टेंडर खोले गए। लेकिन, बाकी पांच शराब दुकान समूहों के टेंडर नहीं लिए जा सके। ऐसे में अब 18 मार्च को फिर से टेंडर प्रक्रिया होगी। इससे पहले जिला आबकारी अधिकारी रविंद्र खरे बंद कमरे में टेंडर प्रक्रिया कर रहे थे। बटियागढ़ और हिंडोरिया समूह के बाद कोई नई एजेंसी सामने नहीं आई, जिसके चलते बाकी पांच समूहों के टेंडर आवंटित नहीं हो पाए। इसकी मुख्य वजह उच्च दरें बताई जा रही हैं। दमोह में पहले तीन चरणों में टेंडर प्रक्रिया करने के बाद जब कोई एजेंसी आगे नहीं आई, तो विभाग ने सभी दुकानों को सात ग्रुपों में बांट दिया था। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। 13 मार्च तक एजेंसियां तय करनी थीं, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में देरी और ऊंची कीमतों के कारण कोई फर्म आगे नहीं आई। फिलहाल, केवल बटियागढ़ ग्रुप की दुकानें छतरपुर के राय ब्रदर्स ने खरीदी हैं, जबकि हिंडोरिया में गोविंद भायल फर्म ने 27 प्रतिशत अधिक दर पर दुकान खरीदी। बाकी पांच ग्रुपों की नीलामी अब 18 मार्च को होगी।
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शहर से बाहर होंगी सात शराब दुकानें
शहर के व्यस्त इलाकों में संचालित सात शराब दुकानें एक अप्रैल से बाहर शिफ्ट होंगी। इन दुकानों का लंबे समय से विरोध हो रहा था, खासकर मंदिरों और महिलाओं के आवागमन को देखते हुए। कलेक्टर ने इन दुकानों को चिन्हित कर शिफ्ट करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दुकानों को शिफ्ट करने की सीमाएं तय कर दी गई हैं। अब दुकानों को इन्हीं सीमाओं के भीतर संचालित करना होगा, इसके आगे-पीछे संचालन की अनुमति नहीं होगी।
यह दुकानें होंगी शिफ्ट
- चरयाई दुकान: बालाकोट रोड, पुराने आरटीओ कार्यालय से बायपास रोड के बीच खुलेगी।
- रेलवे स्टेशन शराब दुकान: बड़ी देवी मंदिर के आगे हटा नाका रोड पर खुलेगी।
- कृषि उपज मंडी दुकान: सागर नाका रेलवे ओवरब्रिज के पास शिफ्ट होगी।
- जबलपुर नाका दुकान: बॉलीवुड सिनेमा से आगे मारुताल के बीच कहीं खुलेगी।
- समन्ना दुकान: समन्ना तिराहा से आगे गांव की ओर शिफ्ट होगी।
- पुरैना तालाब दुकान: मुख्य सड़क से हटाकर राजनगर रोड बायपास के पास खुलेगी।
अब नहीं होगा कोई बदलाव
जिला आबकारी अधिकारी रविंद्र खरे ने बताया कि कलेक्टर की पांच सदस्यीय कमेटी ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे कमिश्नर के पास भेजा गया था। स्वीकृति मिलने के बाद दुकानों के प्रस्ताव तैयार किए गए। अब इनमें कोई बदलाव नहीं होगा। स्थान चिन्हित कर दिए गए हैं और एक अप्रैल से नई लोकेशन पर ही दुकानें संचालित होंगी। अभी तक किसी की कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई है। यदि कोई आपत्ति आती है, तो उसे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
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