22 जनवरी को ही प्रसव चाहती हैं गर्भवती महिलाएं
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अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाने पूरा देश बेसब्री से बेकरार है। भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख का विशेष महत्व है। इस विशेष महत्व के दिन दमोह में भी गर्भवती महिलाएं चाहती हैं कि उनकी डिलीवरी 22 जनवरी को हो बेटा हो या बेटी इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन वह इस दिन को यादगार बनाना चाहती हैं। यदि बेटा हुआ तो घर में श्रीराम आएंगे और यदि बेटी हुई तो घर में सीता के रूप में लक्ष्मी का आगमन होगा और वह भी उस दिन जिस दिन जगत के पालनहार की गर्भ गृह में प्रतिष्ठा हो रही है। जिला अस्पताल में 22 जनवरी को करीब 16 महिलाओं का प्रसव होना है और इससे अधिक प्रसव निजी अस्पतालों में होना है।
यादगार होगा दिन
पथरिया के सोनी मोहल्ला वार्ड 12 निवासी प्रबल सोनी व्यवसाई हैं और कुछ ही दिन में वह दूसरी बार पिता बनने वाले हैं। प्रबल की पत्नी प्रियंका को डाक्टरों ने प्रसव के लिए 22 जनवरी की डेट दी है। इस यादगार तारीख को प्रसव होने से परिवार के सभी लोग काफी खुश हैं। प्रियंका ने कहा कि यदि बेटा हुआ तो राम और बेटी हुई तो लक्ष्मी स्वस्प सीता नाम रखेंगे। प्रबल के माता-पिता मदन श्यामा सोनी का कहना है कि 22 जनवरी को यदि बहू के यहां प्रसव होता है तो इससे ज्यादा खुशी और क्या होगी। मां श्यामा सोनी ने कहा कि रामलला आएं या लक्ष्मी के रूप में माता सीता मुझे काफी खुशी होगी, वहीं प्रबल के भाई शांतनु ने बताया कि वह हनुमान भक्त हैं और आजीवन विवाह न करने का संकल्प लिया है। यह हमारे परिवार के लिए काफी खुशी की बात है।
आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी यह दिन
भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर हर व्यक्ति अपना योगदान देना चाहता है। ऐसे में दमोह में गर्भवती महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। जिनका प्रसव जनवरी महीने में होने वाला है, वो महिलाएं अपने डॉक्टर से परामर्श ले रही है। गर्भवती महिलाओं का कहना है कि उनका प्रसव 22 जनवरी को कराया जाए, ताकि हमारे घर में भी रामजी या सीता किसी का आगमन हो सके। यह दिन हमारी संतानों के लिए यादगार बन जाए।
मुहूर्त जानने पंडितों के पास पहुंच रहे लोग
डॉक्टरों के साथ-साथ पंडितों के यहां भी शुभ मुहूर्त जानने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। एसपीएम नगर स्थित शिव शनि हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित बालकृष्ण का कहना है कि 22 जनवरी का दिन पूरे ब्रह्मांड के लिए ही यादगार होने जा रहा है। इस दिन 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकेंड से 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकेंड तक अर्थात 84 सेकेंड का समय सबसे शुभ है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को शुक्ल पक्ष की द्वादशी है और सोमवार भी है, भगवान शिव श्रीराम के आराध्य भी हैं। इस दिन जन्म लेने वाले जातक काफी बलशाली, बुद्धिमान और प्रभावशाली होंगे। जीवन में उन्हें सफलता और यश की प्राप्ति होगी।
महिला की कंडीशन देखकर दे रहे सलाह
गर्भवती महिलाएं और उनके स्वजन भले ही शुभ मुहूर्त के लिए सिजेरियन डिलीवरी कराने के लिए तैयार हैं, लेकिन डॉक्टर पेशेंट की मेडिकल कंडीशन देखकर ही उन्हें सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल में पदस्थ गायनाकोलॉजिस्ट डॉ श्रद्धा गंगेले ने बताया कि 22 जनवरी को जिला अस्पताल में अधिकांश महिलाओं का प्रसव होना है, यदि कोई सीजर करना चाहता है तो महिला की सेहत के अनुसार ही निर्णय लेना होगा। जिला अस्पताल के आरएमओ डा. विशाल शुक्ला ने बताया कि वैसे तो जिला अस्पताल में प्रतिदिन ही यहां 20 से 25 महिलाओं का प्रसव होता है, लेकिन 22 जनवरी को करीब 16 महिलाओं के प्रसव की डेट उन्हें दी गई है। वह महिला अपने आपको भाग्शाली ही मानेगी, जिसका प्रसव इस दिन होगा।