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Damoh: घटेरा स्टेशन पर यात्री और कर्मचारी पी रहे नदी का गंंदा पानी, क्षतिग्रस्त डेम एक साल बाद भी नहीं सुधरा

Sun, 25 May 2025 11:23 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

रेलवे असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर अनिल चौधरी ने बताया कि घटेरा में फिल्टर प्लांट लगा हुआ है, नदी का पानी फिल्टर होने के बाद ही सप्लाई किया जाता है। यदि पानी बहुत गंदा है तो टीम भेजकर पानी की जांच कराई जाएगी।
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कुंड में भरा दूषित पानी
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विस्तार
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दमोह के घटेरा रेलवे स्टेशन पर इस समय यात्रियों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यही पानी रेलवे के कर्मचारियों को भी सप्लाई किया जा रहा है, जिस पर अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि यहां अधिकांश ट्रेनें रुकती हैं। नदी में बने स्टॉप डैम को तीसरी लाइन निर्माण के समय ठेकेदार ने तोड़ दिया, जिससे बारिश का सारा पानी बह गया।
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रेलवे स्टेशन घटेरा से कुछ ही दूरी पर ब्यारमा नदी का पानी सूख गया है और नदी में केवल पत्थर ही दिखाई दे रहे हैं। जबकि नदी में अंग्रेजी शासन काल में बनाए गए डैम के कारण बारह महीने रेलवे पुल के नीचे जलभराव हमेशा बना रहता था। यहां से रेलवे कर्मचारियों एवं घटेरा रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर पानी उपलब्ध कराया जाता था।
 
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करीब एक वर्ष पूर्व, नदी में पानी का भराव होने से तीसरी रेलवे लाइन के पुल के ऊपर ओपन वेब गटर चढ़ाए जाने में आ रही समस्याओं को देखते हुए रेलवे ठेकेदार और कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से ब्यारमा नदी में बना डैम क्षतिग्रस्त कर पानी बहा दिया गया था। इसके बाद रेलवे पुल का अधूरा कार्य पूर्ण कराया गया था, लेकिन रेलवे ठेकेदार व कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारियों द्वारा एक साल का समय बीत जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त डैम में सुधार कार्य नहीं कराया गया। जिससे नदी में अब पानी रुकता ही नहीं है।

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रेलवे कर्मचारी एवं घटेरा स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों को नदी के जिस कुंड से पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह इतना दूषित और मटमैला है कि फिल्टर होने के बाद भी पूरी तरह स्वच्छ और साफ नहीं होता। बताया जाता है कि नदी के इसी कुंड में आसपास के गांवों के मवेशी गर्मी से राहत पाने के लिए बैठते हैं और वहीं का पानी सप्लाई किया जा रहा है। रेलवे विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं यात्रियों की पेयजल व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे नदी के कुंड का दूषित पानी सप्लाई होने से लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।

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रेलवे असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर अनिल चौधरी ने बताया कि घटेरा में फिल्टर प्लांट लगा हुआ है, नदी का पानी फिल्टर होने के बाद ही सप्लाई किया जाता है। यदि पानी बहुत गंदा है तो टीम भेजकर पानी की जांच कराई जाएगी। क्षतिग्रस्त डैम के संबंध में कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी ही जानकारी दे सकते हैं।
 

कुंड में भरा दूषित पानी

 

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