दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल ओवर ब्रिज की लाइटें छह साल बाद फिर से रोशन हो गई हैं। बुधवार शाम को पूर्व वित्त मंत्री और दमोह विधायक जयंत मलैया ने बटन दबाकर औपचारिक रूप से इन लाइटों को चालू किया। लाइटें जलते ही ब्रिज दूधिया रोशनी से जगमगा उठा, जिससे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। युवाओं ने इस मौके पर आतिशबाजी भी की।
छह साल से अंधेरे में था ओवर ब्रिज
बिजली बिल बकाया होने के कारण पिछले छह वर्षों से ओवर ब्रिज की लाइटें बंद पड़ी थीं। इस दौरान वाहन चालकों को अंधेरे में सफर करना पड़ता था, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। साथ ही, कुछ लाइटें खराब भी हो गई थीं। दमोह विधायक और सांसद के प्रयासों से बकाया बिजली बिल की राशि जमा कराई गई, जिसके बाद लाइटें फिर से चालू हो सकीं।
जनप्रतिनिधियों की पहल से रोशन हुआ ब्रिज
इस अवसर पर भाजपा पार्षदों के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे। बता दें कि यह ओवर ब्रिज वर्ष 2018 में सागर नाका के पास बनाया गया था। प्रारंभ में लाइटें चालू थीं, लेकिन बिजली बिल भुगतान को लेकर नगर पालिका और ग्राम पंचायत के बीच असमंजस के कारण धीरे-धीरे सभी लाइटें बंद हो गईं। ब्रिज का आधा हिस्सा ग्राम पंचायत और आधा हिस्सा नगर पालिका क्षेत्र में आता है, जिसके कारण जिम्मेदारी को लेकर विवाद बना रहा। अंततः विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली बिल बकाया होने के कारण लाइटों की आपूर्ति बंद कर दी थी।
सांसद और विधायक ने किए प्रयास
ओवर ब्रिज की लाइटें चालू कराने के लिए दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी और विधायक जयंत मलैया ने 5-5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। नगर पालिका को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई। सबसे पहले लाइटों की मरम्मत करवाई गई, फिर बकाया बिजली बिल जमा कराया गया।
10 लाख रुपये की लागत से हुआ सुधार कार्य
सागर नाका ओवर ब्रिज पर दोनों ओर 80 लाइटें और दो हाई मास्ट लाइटें लगी हैं। इनका कुल बकाया बिजली बिल 1.96 लाख रुपये था, जिससे लाइटें बंद हो गई थीं। नगर पालिका को लाइटों के सुधार और बिजली बिल भुगतान का कार्य सौंपा गया था। 10 लाख रुपये की लागत से मरम्मत और बकाया भुगतान के बाद बुधवार से लाइटें पुनः चालू कर दी गईं।अब यह ओवर ब्रिज एक बार फिर रोशनी से जगमगा उठा है, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली है।