फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन. जॉन कैम
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दमोह के मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन. जॉन कैम द्वारा किए गए इलाज से हुई सात मौतों के मामले में जबलपुर मेडिकल कॉलेज ने अपनी जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है। हालांकि, सीएमएचओ का कहना है कि उन्हें अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। वहीं, सूत्रों के अनुसार डॉ. कैम के इलाज से तीन मौतें होने की जानकारी सामने आ रही है। यही आंकड़ा सीएमएचओ मुकेश जैन ने भी उस समय बताया था जब दिल्ली से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम दमोह पहुंची थी।
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डॉ. नरेंद्र यादव द्वारा की गई एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के दौरान 7 मौतों के मामले में मेडिकल कॉलेज जबलपुर के विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट कलेक्टर को मिल गई है। कलेक्टर ने इसकी सूचना एसपी, सीएमएचओ और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजने की बात कही है। वहीं, जांच में विशेषज्ञों की टीम ने रहीसा परवीन, मंगल सिंह और बुधा अहिरवार की मौत को स्वीकार किया है। यह बात भी सामने आई है कि डॉक्टर ने मिशन अस्पताल में 64 एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की थीं, जिनमें से यह मामले उजागर हुए हैं। जबकि कलेक्टर सुधीर कोचर को की गई शिकायत में सात मौतों की बात कही गई थी, जिसमें इजराइल खां, दसोंदा रैकवार, मंगल सिंह, सत्येंद्र सिंह सहित 7 मरीजों की मौत का उल्लेख था। लेकिन, जांच टीम ने इनमें से केवल तीन मौतों को डॉ. नरेंद्र जॉन केम द्वारा किए गए इलाज से जोड़कर माना है।
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हालांकि, यह जांच रिपोर्ट अभी तक सीएमएचओ को नहीं मिली है। सीएमएचओ मुकेश जैन का कहना है कि जांच रिपोर्ट मेरे पास नहीं आई है। एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
जिन सात लोगों की मौत का आरोप डॉ. एन. जॉन केम पर लगा है, उनमें बुधा अहिरवार, रहीसा परवीन, मंगल सिंह, इजराइल खान के परिजनों के बयान आयोग की टीम ने दर्ज किए थे। वहीं, इस पूरे मामले का खुलासा करने वाले कृष्णा पटेल के बयान भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने लिए थे।