दमोह बस स्टैंड पर महिला के साथ छेड़छाड़ को लेकर हुए विवाद मामले में घायलों ने शनिवार को विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों के साथ मिलकर जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया और सही तरीके से इलाज न करने के आरोप लगाए। करीब एक घंटे तक यहां अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। इसके बाद दमोह एसडीएम आरएल बागरी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को सुना।
पीड़ित पक्ष का आरोप था कि शुक्रवार को बस स्टैंड चौराहे पर समुदाय विशेष के लोगों के द्वारा करण और दुर्जन नाम के दो युवक और एक गर्भवती महिला के साथ छेड़छाड़ कर मारपीट की गई थी। इस मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई और जब यह लोग जिला अस्पताल में इलाज करने के लिए पहुंचे तो उनका समुचित इलाज नहीं किया गया। घायल युवकों का आरोप है कि उनका सीटी स्कैन नहीं कराया गया।
वहीं, गर्भवती महिला का कहना है कि उसकी सोनोग्राफी नहीं की गई। जबकि वह गर्भवती है, उसके पेट में तकलीफ हो रही है। डॉक्टरों का व्यवहार ठीक न होने के आरोप लगाते हुए घायल बाहर निकले। इसकी जानकारी विश्व हिंदू परिषद के लोगों को हो गई, इसके बाद विहिप अध्यक्ष अंजू खत्री और नित्या प्यासी के साथ कई युवा अस्पताल पहुंचे और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव का कहना है कि इलाज को लेकर घायलों की कुछ समस्या थी उसे सुन लिया गया है और उनका बेहतर इलाज किया जाएगा। वहीं, जिला अध्यक्ष अंजू खत्री ने बताया कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण सही इलाज नहीं मिल रहा था। इस बात को अधिकारियों ने भी स्वीकार किया है। जब हम लोगों ने विरोध किया, उसके बाद एसडीएम और सिविल सर्जन ने बैठकर चर्चा की और उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि फिर से उनकी पूरी जांच की जाएगी और एमएलसी रिपोर्ट दोबारा कोतवाली भेजी जाएगी। इसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।