दमोह जिला अस्पताल में सीजर से प्रसव कराने के बाद चार महिलाओं की मौत का मामला अब भी गरमा रहा है। अब जनप्रतिनिधि सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं। रविवार को एक बैठक के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे दमोह सांसद, प्रदेश के पशुपालन मंत्री और हटा विधायक ने कहा कि दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें चार जुलाई को प्रसव के लिए किए गए सीजर ऑपरेशन में चार महिलाओं की मौत हो गई थी और एक महिला जबलपुर में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। इसी मामले में सख्त कार्रवाई के लिए कांग्रेस ने भी धरना दिया है। लोकसभा क्षेत्र के सांसद राहुल सिंह ने कहा कि मामला गंभीर है, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों पर कार्रवाई होगी।
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि शासन इस मामले में काफी गंभीर है। जांच आने के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। पहले हो चुकी दो जांचों में क्लीनचिट भले दे दी गई हो, लेकिन यदि तीसरी जांच में कोई लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ जिन लोगों ने पहले जांच में क्लीनचिट दी है उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला तकनीकी है, इसलिए टेक्निकल टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। हटा विधायक उमा देवी खटीक ने कहा तीन महिलाएं उनके विधानसभा क्षेत्र की हैं, उन्हें काफी दुख है। वह मुख्यमंत्री से भी इस मामले में बात करेंगी।
यह बोले थे सिविल सर्जन
महिलाओं की मौत के बाद दो जांच की गई थी। सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश नामदेव ने बताया था कि एक जांच सागर से ज्वाइन डायरेक्टर ने आकर की थी और दूसरी जांच जबलपुर मेडिकल से आई टीम ने की थी, जिसमें कोई भी लापरवाही सामने नहीं आई है। हालांकि इन जांचों को संदेह के घेरे में रखा गया, इसलिए तीसरी जांच की जा रही है।
कांग्रेस ने भी जताया विरोध
रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में अस्पताल चौराहे के समीप एक धरना आयोजित किया गया। इसमें इन चार महिलाओं की मौत के मामले को गंभीरता से लिया गया है। पथरिया विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी राव बृजेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने मांग की है कि तत्काल जिला प्रशासन लापरवाहों पर कार्रवाई करें और यदि ऐसा नहीं होता तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।