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Damoh News: दबंगों का खौफ इतना कि संगीनों के साये में निकली रछवाई, घोड़े पर बैठा दलित दूल्हा

सार

दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के डूडा गांव में दबंगों का डर इतना था कि संगीनों के साये में दूल्हे की  रछवाई (बरात) निकाली गई है। पीड़ित के पिता ने पुलिस में आवेदन देकर पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।
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दमोह में रछवाई निकालने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के डूडा गांव में दबंगों के डर के चलते पुलिस बल की मोजूदगी में दूल्हे की रछवाई निकाली गई है। पीड़ित के पिता ने पुलिस में आवेदन देकर पुलिस बल मुहैया कराने की मांग की थी।

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जानकारी के अनुसार पथरिया थाना क्षेत्र की सासा ग्राम पंचायत के डूडा गांव निवासी पप्पू अहिरवार ने पुलिस थाने में आवेदन देकर अपने बेटे सुनील की शादी में गुरुवार को रछवाई घुमाने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की थी। आवेदन में पप्पू ने बताया कि मेरे बेटे सुनील अहिरवार की शादी है। गांव के लोग देवी-देवताओं के यहां घोड़े पर बैठकर नहीं जाने देते। दूल्हे को घोड़े पर बैठकर देवी-देवताओं के यहां जाना है। रछवाई भी घुमाना चाहते हैं। इसके बाद पथरिया थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने पुलिस बल भेजकर सुनील की शादी में सुरक्षा व्यवस्था की। इसके बाद दूल्हे को घोड़े पर बिठाया गया और रछवाई निकाली गई। पूर्व में भी गांव में इस प्रकार की घटना हुई है जिसके कारण पिछड़ी जाति के लोग घोड़े पर बैठकर नहीं निकल पाते।

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पथरिया थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि दूल्हे के पिता ने थाने में आवेदन दिया था और पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। उन्हें विवाद की आशंका थी। पुलिस गांव पहुंची और दूल्हे की रछवाई निकाली गई। वहां पर इस तरह विवाद जैसा कोई मामला सामने नहीं आया जिस तरह की आशंका व्यक्त की जा रही थी। थाना प्रभारी ने बताया कि अंबेडकर जयंती के दौरान दो पक्षों में कुछ विवाद हुआ था। इसके चलते दूल्हे की रछवाई के समय विवाद की आशंका व्यक्त की जा रही थी।

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