दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के दोनी गांव में खुदाई के दौरान सैकड़ों साल प्राचीन प्रतिमाएं मिली हैं, जो दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी के समय की बताई जा रही है। इस बात की जानकारी खुद पर्यटन मंत्री द्वारा दी गई है। पुरातत्व विभाग द्वारा यहां खुदाई कराई जा रही है। इस क्षेत्र में ऐसी ऐसी सम्पदा और धरोहर जमीन के अंदर से निकल रही है जिसके बारे में लोगों ने अपने बुजुर्गों से ही सुना था।
दमोह में मिली प्राचीन मूर्तियां
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प्रभारी उपयंत्री एवं साइट इंचार्ज सपन साहू द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त कार्य के दौरान कल्चुरी कालीन स्थापत्य कला के विशिष्ट पुरावशेष प्रकाश में आए हैं। इस टीले से ब्रह्म, विष्णु, शिव, उमा - महेश्वर, पार्वती, अर्धनरीश्वर, वायुदेव, गज अप्सरा, एवं नायिका जैसी विशिष्ट एवं उत्कृष्ट प्रतिमाएं प्राप्त हुई हैं। प्राप्त सभी पुरावशेष लगभग 10वीं -11वीं शताब्दी में निर्मित शिव मंदिर के प्रतीत होते हैं।
पूर्व में मिले थे मठ
ग्राम दोनी में राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के निर्देश पर पुरातत्व विभाग कार्य कर रहा है। यहां पुरानी बाबडी मठ को नया आकार दिया जा रहा है। खुदाई के दौरान अनेक तरह के अवशेष और मूर्तियां निकल रही हैं जिससे तेंदूखेड़ा ब्लॉक का नाम प्रदेश भर में प्रसिद्ध हो रहा है। अब खुदाई के दौरान कई भगवानों की प्रतिमाएं जमीन से निकली है। साथ ही हाथी की मूर्ति भी मिली है। वहीं पुरावत विभाग के अधिकारियों ने इसकी सूचना राजमंत्री को दी है।
राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा है जवेरा विधानसभा अनेक प्राचीन धरोहरों से भरी पड़ी है। यहां पुरातत्व विभाग द्वारा दोनी ग्राम में खुदाई के दौरान अनेक तरह की प्राचीन मूर्ति मठ जमीन के अंदर मिलने की जानकारी मिली है। यह क्षेत्र के लिए काफी हर्ष की बात है भविष्य में यह स्थान पर्यटन के रूप में प्रसिद्ध होगा।