दमोह जिले के ग्रामीण अंचलों में शासकीय स्कूलों के भवन की हालत काफी जर्जर है। बटियागढ़ ब्लॉक के खेरी रामदास प्राथमिक स्कूल में इसी तरह का नजारा देखने मिला। यहां स्कूल की हालत काफी जर्जर है, दीवार का हिस्सा टूटा है, फिर भी बच्चे यहां बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। ऐसा नहीं है कि जिले के अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं है, सब कुछ पता होने के बाद भी सुधार नहीं कराया गया। प्राचार्य का कहना है कि उनके द्वारा लगातार पत्राचार किया जा रहा है, भवन के जर्जर होने के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में काफी डरते हैं।
सरकार के द्वारा शिक्षा व्यवस्था सुधारने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन ग्रामीण अंचलों के शासकीय स्कूलों के हाल आज भी बेहाल हैं। विकासखंड बटियागढ़ की ग्राम पंचायत निमी के नवीन प्राथमिक स्कूल खैरी रामदास की हालत काफी जर्जर है। यहां 29 बच्चे इसी जर्जर भवन में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल की दीवारों में बड़े-बड़े छेद हैं और ईंटें भी निकल चुकी हैं। इसके अलावा जहरीले जीव जंतुओं का भी खतरा बना रहता है। स्कूल भवन में बने किचिन की हालत भी खराब है।
स्कूल की जर्जर हालत देखकर अभिभावक भी चिंतित हैं, वे बच्चों को स्कूल भेजने में डरते हैं। अभिभावक दिलीप पटेल ने बताया कि वह अपने बच्चे को स्कूल भेजना चाहते हैं, लेकिन भवन की हालात देखकर डर बना रहता है।
प्राचार्य बोले पत्राचार किया
स्कूल प्राचार्य केशव पटेरिया का कहना है कि स्कूल बहुत जर्जर है। किचिन की हालत और भी ज्यादा खराब है। इस संबंध में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कई बार पत्राचार किया है, लेकिन अभी कोई सुधार नहीं हुआ है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर कहा कि जानकारी लेते हैं, अगर भवन जर्जर है तो जल्द ही सुधार कराया जाएगा।