दमोह में मंगलवार से नए अध्याय की शुरुआत हो रही है, जब प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के उत्तराधिकारी के तौर पर समय सागर जी महाराज आचार्य पद स्वीकार करेंगे। इस नजारे को देखने के पूरे देश से करीब पांच से सात लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में देशभर के 400 से ज्यादा जैन संत भी मौजूद रहेंगे।
पावरग्रिड पॉइंट बाइपास से सरदार पटेल तिराहा (ओवर ब्रिज), इमलाई तिराहा, मुक्तिधाम तिराहा, बनगांव, हटा, पटेरा बायपास से कुंडलपुर।
बंडा, केरबना, बटियागढ़, नीमन तिराहा, मगरोन, हटा, पटेरा बायपास, कुंडलपुर।
छतरपुर, टीकमगढ़ की ओर से आने वाले लोग
बड़ामलहरा से दरगुवां तिराहा, रजपुरा, मगरोन, हटा, पटेरा, कुंडलपुर।
बड़ामलहरा से हीरापुर तिराहा, बक्सवाहा, बटियागढ़, मगरोन, हटा, पटेरा, कुंडलपुर।
पन्ना की ओर से आने वाले वाहन
अमानगंज से गन्यारी, हटा, पटेरा, कुंडलपुर।
अमानगंज से गन्यारी, बनौली, हटा, कुंडलपुर।
पबई से मोहन्द्रा, बनौली, माडवा, कुंडलपुर।
कटनी की ओर से आने वाले वाहन
रीठी से रैपुरा, कुम्हारी होते हुए कुंडलपुर पहुंचेंगे।
सबसे जरूरी बात यह कि कुंडलपुर जाने वाले वाहन जिस मार्ग से जाएंगे, वापसी के दौरान उसी मार्ग का उपयोग करें।
वरिष्ठता के आधार पर मुनि संघ विराजेंगे
7 एकड़ जमीन पर मुख्य पंडाल अलग से बनाया गया है। यहां आचार्य पद पदारोहण का कार्यक्रम होगा। पंडाल ढाई लाख वर्गफीट में तैयार किया गया है। इसके बीचों-बीच 10 फीट ऊंचाई पर आचार्य समय सागर जी महाराज विराजेंगे। वरिष्ठता के आधार पर जमीन से 6 फीट, 5 फीट, 4 फीट की ऊंचाई पर मुनि संघ के विराजमान की व्यवस्था की गई है।