दमोह जिले के तेंदूखेड़ा जनपद कार्यालय से शासकीय दस्तावेज चोरी होने का घटनाक्रम सामने आया है। घटना के बाद शासकीय महकमे में हड़कंप के हालात बने हैं, क्योंकि इसमें विधायक और सांसद निधि और गरीबी रेखा से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें थीं, जो चोरी होना बहुत बड़ा संदेह पैदा कर रहा है। गरीबी रेखा में कई बीपीएल राशनकार्ड धारियों की जांच चल रही है। अधिकारियों को जानकारी लगी तो पुलिस को मौके पर बुलाया गया और अब मामले की जांच शुरू की गई है। घटना सोमवार रात की है। मामले की जानकारी मंगलवार सुबह लगी जब कार्यालय चौकीदार राजेंद्र विश्वकर्मा ने जनपद कार्यालय का मुख्य द्वार खोला। कार्यालय खुलते ही पाया गया कि एक कक्ष का दरवाजा टूटा हुआ था, जिसमें लिपिक रघुवीर सिंह चौहान बैठते हैं और अंदर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की फाइलें गायब थीं। चौकीदार ने तत्काल इस घटना की जानकारी जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनीष बागरी एवं संबंधित कर्मचारी को दी, जिनके अधीन वह कक्ष था। तेंदूखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि चोर मुख्य गेट के बगल में स्थित एक कमरे का दरवाजा तोड़कर कार्यालय में घुसे और अंदर से दस्तावेज लेकर फरार हो गए। यहां कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा जिसमें यह घटनाक्रम कैद हुआ हो।
यह भी पढ़ें-
दुर्गा पंडाल में करंट लगने से दो बच्चों की मौत, कलेक्टर ने जांच समिति बनाई
यह चोरी हुए दस्तावेज
चोर के द्वारा महत्वपूर्ण फाइलें चोरी की गईं हैं। जिनका रिकॉर्ड कुछ कर्मचारियों के पास था। चोरी हुए शासकीय दस्तावेजों में सांसद एवं विधायक निधि से संबंधित फाइलें, मत्स्य विभाग के दस्तावेज, गरीबी रेखा से जुड़े आदेश शामिल हैं।
इनका कहना है
तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी का कहना है शासकीय दस्तावेज चोरी होना अपने आप में बड़ा घटनाक्रम है। यह चोर के किसी काम का नहीं, लेकिन शासकीय कर्मचारियों के बहुत काम के कागज हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी नितेश जैन का कहना है जनपद पंचायत से आवेदन प्राप्त हुआ है चोरी की जांच की जा रही है।