दमोह जिले के तेंदुखेडा से जबलपुर मार्ग के बीच अंधेरे में लुटेरों का आतंक है। इस कारण से सब्जी लेकर जाने वाले व्यापारी और वाहन चालक तेंदूखेड़ा में रात काटने मजबूर हैं। आए दिन वाहन चालकों से हो रही लूट की घटना से दहशत में आए वाहन चालक दिन निकलने के बाद ही जबलपुर मंडी पहुंच रहे हैं। भले उनका नुकसान हो रहा है, लेकिन मजबूरी में तेंदूखेड़ा में रात काट रहे हैं। उनको भय है कि यदि वह रात्रि में जाते हैं तो उनके साथ लूट की घटना हो सकती है। क्योंकि उनके साथियों के साथ यह घटना हो चुकी है। रविवार सुबह तेंदूखेड़ा बस स्टैंड पर कई वाहन सब्जी से भरे खड़े थे। जहां चालकों ने अपने रुकने का कारण बताया।
तेंदूखेड़ा में सुबह पांच बजे तीन पिकअप वाहन सब्जी से भरे खड़े थे। वाहनों में आलू, प्याज की बोरिया थी जबकि इतने समय इन गाड़ियों को जबलपुर मंडी में होना था। कारण पूछने पर वाहन मालिक ओर चालकों ने बताया कि वह सभी घटिया पर लुट के भय से रुके है। क्योंकि जैसे ही दमोह जिले की सीमा खत्म होती है और जबलपुर जिले की सीमा आरंभ होती है तो वहां पर अज्ञात लोग वाहनों में पीछे से चढ़ जाते है और रस्सी काटकर बोरिया गिरा लेते है। लूट की घटना से बचने के लिए हम लोगो ने रात्रि की जगह सुबह उजाला होने पर ही घटिया से आवागमन करना शुरू कर दिया है।
ब्रेकर पर होती हैं घटनाएं
दरअसल तेंदूखेड़ा से पांच किमी आगे जैसे ही जबलपुर जिले की सीमा आरंभ होती है वहां लगातार घाट पर सड़क हादसे होते हैं। वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा ब्रेकर बनाए गए थे। घटनाओं पर तो अंकुश लग गया, लेकिन उन ब्रेकरो पर पहुंचते ही जैसे ही वाहन धीमा होता है आरोपी लूट की घटना को अंजाम देते हैं।
यह घटनाएं उन वाहन चालकों के साथ ज्यादा हो रही है जो सागर जिले के देवरी, रहली क्षेत्र से सब्जी लेकर जबलपुर मंडी जाते है। एक सप्ताह में दो, तीन घटनाएं होने के बाद अब सब्जी व्यापारी और वाहन चालक दिन निकलने का इंतजार करते हैं। वाहन चालकों ने बताया जिस जगह घटनाएं होती है वह स्थान पूरी तरह सुनसान है। तेंदुखेडा थाने की सीमा खत्म हो जाती है और पाटन थाना वहां से सात किलोमीटर दूर पड़ता है।
चालकों ने दी जानकारी
तुलसीराम पटेल ने बताया दो बार घटनाएं हो चुकी है। पंडा बाबा के आगे घटिया पर जिस जगह ब्रेकर बने है वहां वाहन बहुत धीमा करना पड़ता है। उसी समय अज्ञात लोग पीछे से वाहनों में लटक जाते है रस्सी काटकर बोरिया निकाल लेते हैं।
एक बार मेरे साथ और दो बार मेरे अन्य साथियों के साथ घटना हो चुकी है। कमलेश पटेल ने बताया वह सब्जी लेकर जबलपुर मंडी जाते है। पूर्व में हम लोग सुबह चार से पांच बजे जबलपुर पहुंच जाते थे, लेकिन अब घटिया पर लूट होने की घटनाओं के बाद तेंदुखेडा में रुक जाते हैं। जब दिन निकलने का समय हो जाता तो तेंदुखेडा से जबलपुर की ओर जाते है। इस संबंध में तेन्दूखेड़ा एसडीओपी डीएस ठाकुर ने कहा जिस स्थान पर यह घटना हो रही हैं वह पाटन सीमा लगती है। मैं पाटन थाना प्रभारी से बात करता हूं और तेन्दूखेड़ा थाने में भी गश्ती के लिए बोलता हूं।
इस स्थान पर होती है लूट