दमोह शहर के जटाशंकर मंदिर परिसर में शुक्रवार को नागपंचमी के अवसर पर आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में प्रदेश भर से आए पहलवानों ने अपना दम दिखाया और सामने वाले पहलवान को परास्त किया। हर साल की तरह इस साल भी स्व. चंद्रशेखर पाठक की स्मृति में भव्य दंगल का आयोजन मोनू पाठक द्वारा किया गया। बुंदेलखंड में नागपंचमी पर्व पर कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होने की परंपरा है, जिसे पाठक परिवार आज भी निभा रहा है।
जटाशंकरधाम मंदिर परिसर में यह दंगल आयोजित किया गया। इसे देखने जिले भर से सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे। पंडित भागीरथ शास्त्री द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना कुश्ती की शुरुआत कराई। इसके बाद छोटे, छोटे बच्चों ने भी अपने दांव-पेंच दिखाए और सामने वाले पहलवान को हरा दिया। उसके बाद बड़े पहलवानों के बीच कुश्ती शुरू हुई और एक से बढ़कर एक अखाड़ों के पहलवान अपने दांव से प्रतिद्वंदी को हरा रहे थे। बीच में बारिश के चलते आयोजन स्थल पर कीचड़ जरूर हो गया था, लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं थी। रेफरी के रूप में महेश पहलवान ने अपनी प्रमुख भूमिका निभाई।
बुंदेलखंड क्षेत्र के सागर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना जिले के अलावा सतना, छिंदवाड़ा, कटनी, सलैया पाटन, जबलपुर से भी पहलवान इस दंगल में शामिल हुए हैं। विजेता पहलवानों को ट्रॉफी और नगद राशि से अखाड़े के अन्य पहलवानों ने सम्मानित किया। आयोजन में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो, इसलिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।