कलेक्टर को ज्ञापन देते संगठन के लोग
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ बुधवार दोपहर सनातन चेतना मंच के द्वारा राष्ट्रपति के नाम दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर को ज्ञापन सौंपा गया। इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में सनातनी शामिल हुए। सभी लोग शहर के तहसील ग्राउंड में एकत्रित हुए थे।
मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे जबेरा आनंद धाम के पीठाधीश्वर रंजीतानंद महाराज ने कहा कि हम विश्व कल्याण की बात करते हैं, लेकिन हमारा दिल उस समय दहक जाता है, जब हमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार जैसी घटनाएं देखने और सुनने मिलती है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे विधर्मियों को चुनौती दे रहे हैं, जब तक बैठे हैं हम चंद्रमुखी हैं और जिस दिन हम खड़े हो गए ज्वालामुखी बन जाएंगे। हमने सर्वे भवंतु की भावना रखी है, जिस बांग्लादेश को बचाने के लिए भारत की अहम भूमिका रही। वहीं, दो टुकड़ों में पलने वाला बांग्लादेश हमें आंख दिखाता है। ध्यान रखना यदि हमने पूरी आंख खोल दी तो बांग्लादेश नष्ट हो जाएगा। अभी हम प्रार्थना कर रहे हैं, हाथ जोड़ रहे हैं, यह सब रुक जाना चाहिए यदि सनातनियों ने हाथ खोल दिए तो वह बांग्लादेश कहीं का नहीं रहेगा।
इस विशाल विरोध प्रदर्शन के संयोजक दिनेश चौबे ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू मंदिर तोड़े जा रहे हैं। अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। वहां लोकतंत्र पूरी तरह खत्म हो चुका है। 252 अल्पसंख्यक अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है, उनके परिजनों के साथ घटनाएं हो रही हैं। यह बात किसी से नहीं छपी, जिस भारत ने मुक्ति वाहिनी के माध्यम से बांग्लादेश को आजादी दिलाई आज वह कहता है कि हम अपने आप आजाद हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर अपने अल्पसंख्यक भाइयों की रक्षा के लिए आवाज उठानी चाहिए और इसीलिए आज हम यहां एक हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां कलेक्टर सुधीर कोचर को ज्ञापन दिया।