दमोह जिले के बटियागढ ब्लॉक के हरदुआ जमसा गांव में उल्टी-दस्त से बीमार हुए दो लोगों की मौत हो गई है 100 से अधिक ग्रामीण अभी भी इलाजरत हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग मौत उल्टी दस्त से होना नहीं मान रहा है और दूसरे कारण से मौत होने के बात कही जा रही है।
मंगलवार को जैसे ही डायरिया फैलने की जानकारी प्रशासन को लगी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। मंगलवार को 200 ग्रामीण बीमारी से प्रभावित हुए थे, जिनका अलग-अलग इलाज चल रहा है। इन्ही में से दो ग्रामीणों की मौत हो गई है। गांव में गंदगी के कारण पानी दूषित होना बताया जा रहा है। इसके बाद पीएचई विभाग की टीम ने पानी में छिड़काव भी कर दिया है।
हरदुआ जामसा गांव में जगह-जगह पानी भराव की समस्या के साथ-साथ गंदगी की समस्या बनी रहती है। ऐसे में कुओं में गंदा पानी पहुंच रहा है। हरदुआ जामसा में डायरिया के बढ़ते मरीजों की वजह से हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक गांव में मंगलवार को 200 से अधिक लोग डायरिया हुआ था और उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद दमोह जिला अस्पताल, हटा अस्पताल और बतियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था। इसमें एक महिला पार्वती बाई पति हनमत लोधी (39) और पुरुष अजुद्दी पिता सब्भु आदिवासी (80) की मौत हो गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उल्टी-दस्त से मौत होना नहीं मान रहा। वहीं कुछ लोगो की हालत गंभीर बनी हुई है तो कुछ की हालत सामान्य है। मरीजों की संख्या को बढ़ते देख बटियागढ़ स्वास्थ्य टीम के साथ जिला की टीम भी एक्टिव हो गई है और गांव में जाकर लोगों की जांच कर रही है व दवाएं दे रही है।
यह है डायरिया फैलने का कारण
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत हरदुआ में नियमित रूप से पंचायत द्वारा नालियों की साफ सफाई नहीं की जाती है और पूरे गांव में फैली गंदगी के कारण उल्टी-दस्त का प्रकोप जारी है। सफाई के नाम पर राशि तो आती है, लेकिन पूरे गांव में गंदगी फैली हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि डायरिया से बचाव के लिए लोगों को पानी को उबालकर पीना चाहिए। इसके साथ ही अपने घरों के आसपास पानी और गंदगी जमा न होने दें। जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके अपने बच्चों को और अपने आप को साफ सफाई से रखें। उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर उन्हें ओआरएस का घोल दें। यदि फिर भी आराम नहीं मिलता है तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने पहुंचें।
सीएमएचओ डॉक्टर मुकेश जैन ने बताया कि दो लोगों की मौत हुई है, लेकिन वह उल्टी-दस्त से हुई है। यह स्पष्ट नहीं कह सकते। महिला की मौत के बारे में उन्होंने कहा कि महिला को उल्टी-दस्त हुए थे, लेकिन जब उसे बतियागढ़ अस्पताल लाया गया तो वे सिर दर्द होना भी बता रही थीं। इसके बाद मौत हो गई। वृद्ध की मौत को लेकर सीएमएचओ ने कहा कि वृद्ध ने परिजनों को उल्टी,दस्त की शिकायत बताई थी, लेकिन परिजनों ने उसे लेटे समय कुछ खिलाकर पानी पिला दिया और संभवतः पानी श्वास नली में चला गया जिससे वृद्ध की मौत की आशंका है। स्वास्थय विभाग की टीम इस मामले की जांच कर रही है और ग्रामीणों का इलाज भी कर रही है।