छतरपुर जिले से तीन साल पहले लापता हुई महिला अपने परिजनों को मिल गई। दमोह में इमलाई गांव से एक मानसिक विक्षिप्त महिला को मंगलवार शाम देहात थाना पुलिस जिला अस्पताल लेकर आई। जैसे ही उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई महिला की पहचान हो गई और तेंदूखेड़ा से परिजन उसे लेने पहुंच गए।
दमोह के इमलाई गांव में मानसिक विक्षिप्त महिला मिली थी। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो महिला ने यह बताया, उसका भाई डॉक्टर है और पिता जरूआखेड़ा में पूर्व में डिप्टी रेंजर थे और वह तेंदूखेड़ा की निवासी है। बाद में देहात थाना टीआई ने महिला का पता लगाने के लिए तेंदूखेड़ा टीआई विजय अहिरवार से संपर्क किया।
तेंदूखेड़ा टीआई ने कुछ लोगों को महिला का वीडियो दिखाया तो नगर के कपिल गोटिया ने महिला की पहचान कर ली और उसके परिवार को सुचना दी। जानकारी लगते ही परिवार के सदस्य जिला अस्पताल पहुंचे और महिला को तेंदूखेड़ा लेकर आये। कपिल गोटिया ने बताया, महिला का वीडियो देखने पर जरूआखेड़ा का नाम आया तो उन्होंने महिला की पहचान कर ली। क्योंकि दिनेश साहू के पिता जरूआखेड़ा में डिप्टी रेंजर थे और मेरे मामा उस समय वहां रेंजर थे। बाद में मैंने दिनेश से पूछा तो उसने बताया कि उनकी बहन की शादी छतरपुर में हुई थी। तीन वर्ष से मानसिक कमजोर होने के कारण लापता चल रही थी। हम लोगों ने काफ़ी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। बाद में उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
तेंदूखेड़ा टीआई विजय अहिरवार ने बताया, महिला देहात थाना प्रभारी को मिली थी। महिला ने उनको तेंदूखेड़ा का पता बताया था। मैंने कुछ पुराने लोगों से महिला का जिक्र किया तो उनकी पहचान हो गई। बाद में पुलिस को भेजकर परिजनों के सुपुर्द किया। वार्ड नौ निवासी दिनेश साहू की बहन पिछले तीन साल से लापता थी। उन्होंने उसको खोजने का काफ़ी प्रयास किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। जिला अस्पताल में बहन मिली, जिसके बाद उन्होंने देहात थाना पुलिस और तेंदूखेड़ा पुलिस का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनकी बहन की जानकारी उन तक पहुंचाई।