दमोह जिले में कई ऐसे शासकीय कार्यालय हैं, जो जर्जर हालत में होने के बाद भी उसमें संचालित हो रहे हैं। कई कार्यालय के पास खुद की बिल्डिंग नहीं है। वहीं, तेंदूखेड़ा ब्लॉक में दस साल पहले कृषि विभाग की बिल्डिंग का निर्माण लाखों रुपये की लागत से किया गया था। लेकिन हैंडओवर न होने के चलते आज तक ताला नहीं खुला और वह बिल्डिंग जर्जर हो गई।
बता दें कि कृषि विभाग की बिल्डिंग दस साल पहले बनकर तैयार हुई थी। लेकिन आज तक उस बिल्डिंग में कार्यालय शिफ्ट नहीं हुआ और आज भी वह मृदा परीक्षण केंद्र में संचालित हो रहा है। खाली पड़ी बिल्डिंग छतिग्रस्त होने के बाद अब खंडर जैसी दिखाई देने लगी है। क्योंकि बिल्डिंग का निर्माण होने के बाद आज तक वह उसी अवस्था में पड़ी हुई है।
किसी को नहीं कोई जानकारी
कृषि विभाग की बिल्डिंग का निर्माण दस साल पहले हुआ था। लेकिन उसमें आज तक कार्यालय का संचालन नहीं हुआ। कृषि विभाग के कार्यालय में जानकारी ली तो किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बिल्डिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वरिष्ठ कृषि अधिकारी जीपी बेन का कहना है, बिल्डिंग का निर्माण विभाग के लिए हुआ था। लेकिन इसकी लागत और कब इसका निर्माण हुआ था, इसकी कोई जानकारी अभी उनके पास नहीं है। अब तो वह बिल्डिंग भी छतिग्रस्त हो गई है।
मामले को लेकर कृषि विभाग के एसडीओ एसएल कुर्मी ने बताया, मेरी पदस्थापना के काफी समय पहले उस बिल्डिंग का निर्माण हुआ था। लागत और साल की जानकारी अभी मुझे नहीं है। मैं जानकारी लेकर बताता हूं। पांच से सात साल पहले पहले बिल्डिंग तैयार हुई थी, लेकिन ठेकेदार ने आज तक विभाग को हैंडओवर ही नहीं की है।
शनिवार को तेंदूखेड़ा पहुंचे दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को कृषि विभाग की नई बिल्डिंग के जर्जर होने के बारे में बताया। उन्होंने सबंधित अधिकारी को फोन लगाया और बिल्डिंग की फाइल सोमवार को उनके पास लाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा, जब ऐसा मामला था तो आज तक मुझे अवगत क्यों नहीं कराया।