कीचड़ से होकर स्कूल जाते छात्र
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दमोह की ग्राम पंचायत दासोंदा से जुझार घाट गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है। इससे बारिश के दिनों में छात्र कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से गांव में सड़क निर्माण की मांग भी की है। सड़क न होने से पगडंडी के रास्ते से ग्रामीण आवागमन करते हैं।लेकिन बारिश में यह पगडंडी वाला रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं।
आलम यह है कि बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते हैं। इमरजेंसी में मरीजों को खाट पर लिटाकर दासोंदा मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। सड़क की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के गांव तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर की सड़क नहीं बन पा रहे हैं, जबकि जुझार घाट के ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण के लिए स्वामित्व भूमि का दानपत्र दो से तीन साल पहले ग्राम पंचायत दासोंदा को दे चुके हैं। बावजूद इसके सड़क निर्माण की सुध शासन, प्रशासन के द्वारा नहीं ली गई है। जुझार घाट तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार ग्रामीण अधिकारियों के अलावा विधायक, मंत्री को ज्ञापन दे चुके हैं।
ग्राम पंचायत दासोंदा तक पक्की सड़क निर्माण हो चुका है। लेकिन मुख्य सड़क से एक किलोमीटर की दूरी पर बसे जुझार घाट तक सड़क निर्माण नहीं किया गया है, जिसके चलते स्कूली बच्चे और गांव की पूरी आबादी सड़क नहीं होने की वजह से परेशान है। दलदल वाली पगडंडी रास्ते की हालत इतनी खराब है कि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। अक्सर बच्चों को घुटने तक कीचड़ को पार कर अपने जूते हांथ में लेकर कीचड़ में कपड़े गंदे कर पगडंडी को पार करना पड़ता है।
ग्रामीण नारायण सिंह, सोनी सिंह, केहर सिंह, रामू रैकवार, चंदनलाल ने पगडंडी रास्ते पर शासन, प्रशासन से सड़क निर्माण करवाने की मांग की है। जिला पंचायत सीईओ अर्पित वर्मा ने कहा, इस गांव में बहुत जल्द सड़क निर्माण हो जाएगा, अभी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कुछ करते हैं।