मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार हर मंगलवार को जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर सामूहिक जनसुनवाई आयोजित की जाती है, जिसमें सभी विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। हालांकि, दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में इस मंगलवार को जनसुनवाई नहीं हो सकी, जिसके कारण लोगों को 60 किमी दूर दमोह जाकर कलेक्टर से अपनी शिकायतें दर्ज करानी पड़ीं।
इस मंगलवार जब जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों की उपस्थिति की जांच की गई, तो पता चला कि अधिकांश विभागों के अधिकारी अनुपस्थित थे। इस वजह से कई आवेदक निराश होकर बिना अपनी समस्याओं का समाधान पाए घर लौट गए, जबकि कुछ लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। तेंदूखेड़ा ब्लॉक में चार वर्ष पूर्व सामूहिक जनसुनवाई नियमित रूप से होती थी, जिसमें सभी विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर बैठकर शिकायतों का निपटारा करते थे। उस समय बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होती थीं, लेकिन अब स्थिति यह है कि आवेदक ब्लॉक स्तर पर अपनी समस्याएं लेकर आते ही नहीं हैं, और जो आते हैं, उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
इस मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान केवल तहसील में एक आवेदन प्राप्त हुआ, जो प्रधानमंत्री किसान निधि योजना से संबंधित था। तहसीलदार सोनम पांडे ने बताया कि आवेदक 2022 से इस योजना का लाभ नहीं पा रहा है और लगातार तहसील के चक्कर लगा रहा है।
तेंदूखेड़ा की मौजूदा स्थिति
तेंदूखेड़ा ब्लॉक में कृषि, जनपद, राजस्व, पीएचई, नगर परिषद, स्वास्थ्य, पशु पालन, शिक्षा, और जल संसाधन जैसे विभाग हैं। हालांकि, कई विभागों में अधिकारियों की अनुपस्थिति या गैर-जिम्मेदारी के कारण लोग अपनी शिकायतें सीधे सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज करवा रहे हैं या दमोह जाकर कलेक्टर से मिल रहे हैं।