दमोह में रेलवे वैगन डिपो रखरखाव के लिए वर्कशॉप का निर्माण होना है। जिसके लिए जगह दमोह और कटनी के बीच जगह तलाश करने के लिए सर्वे कराया गया है। हालांकि अभी तय नहीं हो पाया है कि कहां पर वर्कशॉप बननी है। इस बीच दमोह सांसद राहुल सिंह ने जिला प्रशासन के माध्यम से वर्कशॉप के लिए जगह तलाश कराई है। दमोह के गोलापट्टी स्टेशन के पास खसरा नंबर 02 में रकवा 106.71 हेक्टेयर और खसरा नंबर 3 में 74.16 हेक्टेयर जगह चिह्नित की गई है। इस तरह से दोनों खसरा नंबर में 180.87 हेक्टेयर शासकीय जमीन चिह्नित की गई है। इसी तरह बांदकपुर स्टेशन के पास ग्राम पठारी में खसरा नंबर 382 में 162.11 हेक्टेयर जगह पहाड़ चट्टान की जगह शासन के पास है। यह जगह डिपो निर्माण में उपयोग की जा सकती है।
सांसद ने अधिकारियों से जगह की तलाश कराने के बाद उसकी रिपोर्ट डीआरएम जबलपुर कार्यालय भेजी है। इसमें उन्होंने उल्लेख किया है दोनों जगह डिपो बनाने के लिए हिसाब से उपयुक्त है। यहां पर संसाधन भी पर्याप्त हैं। ऐसी स्थिति में यहां पर अधिकारियों का दल भेजकर जमीन का सर्वे कराया जा सकता है। उन्होंने डीआरएम को दोनों जगह डिपो बनाने के लिए विचार करने की बात कही है।
सांसद ने डीआरएम और कलेक्टर को भी इस स्थिति से अवगत कराया है। बता दें कि सागर-कटनी रेल रूट पर रेलवे द्वारा करीब एक हजार क्षमता वाले बैगन रख-रखाव के लिए वर्कशॉप डिपो बनाई जाना है। इसके लिए रेलवे द्वारा इस रूट पर 21.15 लाख वर्गमीटर जमीन की आवश्यकता खोजी जा रही है। ऐसे में यह दमोह जिले के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि हो सकती है। बैगन रख-रखाव डिपो खुलने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बाहर के लोग दमोह आकर बसेंगे, जिससे जिला आर्थिक रूप से समृद्ध होगा, लेकिन इसके लिए जगह कमी आड़े आ रही है।
नए बैगन डिपो के लिए रेलवे को 21.15 लाख वर्गमीटर (537 एकड़) जमीन की आवश्यकता है। इसको लेकर अधिकारियों द्वारा बीते माह ही दमोह, असलाना करैया भदौली, सलैया, सगौनी स्टेशनों का जायजा लिया था, लेकिन इतनी जगह नहीं मिल पाई। यदि बैगन डिपो के लिए दमोह में जगह मिल जाती है तो इससे दमोह जिला रेलवे के राष्ट्रीय पटल पर आ जाएगा। साथ ही बाहर के लोग दमोह में आएंगे। जिससे रोजगार के साथ जिला आर्थिक रूप से समृद्ध होगा।