आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दी गई जानकारी
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में मंगलवार को फिर मोबाइल हैक होने की घटनाएं सामने आई हैं। इस बार एक पंचायत सचिव का फोन हैक हुआ। इसके अलावा, एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का मोबाइल भी हैक हुआ और उससे ओटीपी भी मांगी गई। हालांकि, खाते में पैसे न होने के कारण ठगी होने से बच गईं। इसके अतिरिक्त, लगभग आधा सैकड़ा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल भी हैक किए गए हैं।
बंद फोन से हुए मैसेज
बोरिया ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव अपेन्द्र जैन का मोबाइल फोन भी हैक कर लिया गया। उनके फोन से अचानक कई ग्रुपों में मैसेज भेजे जाने लगे। बाद में अन्य लोगों ने उन्हें इसकी जानकारी दी। जब उन्होंने फोन चेक किया, तो फोन बंद पाया। फिर उन्होंने फोन से सिम निकालकर अलग रख दी और पूरे फोन को रिसेट कर दिया। पंचायत सचिव अपेन्द्र जैन ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि उनके फोन से एक लिंक शेयर हो रही है। उन्होंने निवेदन किया कि जिसे भी यह लिंक मिले, कृपया उसे न खोलें, क्योंकि उनका फोन हैक हो चुका है।
ठगी का शिकार होने से बची महिला
वहीं, एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के फोन पर एक मैसेज आया, जिसमें ओटीपी का नंबर मांगा गया। महिला ने वह नंबर बता दिया, लेकिन उसका नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि उसके खाते में पैसे नहीं थे। बाद में महिला नगर के स्टेट बैंक पहुंची और अपने खाते पर होल्ड लगवाया। यह घटना जामुनखेड़ा गांव की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ हुई।
बता दें कि सोमवार को तेंदूखेड़ा के सर्रा सेक्टर में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के फोन से अचानक एक लिंक ग्रुप में शेयर होने लगी थी, जबकि उस लिंक का उस विभाग से कोई संबंध नहीं था।
साइबर सेल की चेतावनी
साइबर सेल प्रभारी अमित गौतम ने बताया कि अनजान लिंक न खोलें और अनजान नंबरों पर किसी भी प्रकार की बैंक संबंधी जानकारी न दें, क्योंकि बैंक का कोई भी अधिकारी फोन पर जानकारी नहीं लेता। यदि किसी के साथ ऐसी घटना होती है, तो वह साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है और पास के थाने में पुलिस को सूचित कर मदद ले सकता है।