दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में मंगलवार रात बिजली का करंट एक परिवार के लिए काल बन गया। बिजली की सर्विस लाइन टूटकर घर के लोहे के गेट पर गिर गई, जिससे पूरे गेट में करंट दौड़ गया। गेट को छूते ही 47 वर्षीय महिला की मौके पर मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने दौड़ा बेटा गंभीर रूप से झुलस गया। परिवार के अन्य सदस्य भी करंट की चपेट में आ गए। ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया, नहीं तो जनहानि और भी बढ़ सकती थी।
सर्विस लाइन टूटकर लोहे के गेट पर गिरी
जानकारी के अनुसार, मोहनपुर निवासी संतोष रानी (47), पत्नी स्वर्गीय प्रेम बंसल के घर के सामने बिजली के खंभे से जुड़ी सर्विस लाइन की केबल अचानक टूटकर लोहे के गेट पर गिर गई। इससे पूरे गेट में तेज करंट फैल गया। अनजान संतोष रानी ने जैसे ही गेट को हाथ लगाया, वह करंट की चपेट में आ गईं और गेट से चिपक गईं।
मां को बचाने दौड़े परिजन भी करंट की चपेट में आए
महिला की चीख सुनकर उन्हें बचाने के लिए बेटा परदेसी बंसल (28), बहू रोशनी बंसल और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। एक-एक कर कुल छह लोग करंट की चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए लकड़ी और डंडे की मदद से बिजली की केबल को गेट से अलग किया। इसके बाद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
मां की मौत, बेटे की हालत गंभीर
हादसे में संतोष रानी और उनके बेटे परदेसी बंसल की हालत गंभीर हो गई। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. पीयूष निवाड़े ने ईसीजी जांच के बाद संतोष रानी को मृत घोषित कर दिया। वहीं परदेसी बंसल का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। अन्य घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बहू ने बताया- परिवार के छह लोग आए थे करंट की चपेट में
घायल परदेसी बंसल की पत्नी रोशनी बंसल ने बताया कि गेट में करंट आने के बाद परिवार के छह सदस्य इसकी चपेट में आ गए थे। ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से सभी को बचा लिया गया। उनके पति की हालत गंभीर बनी हुई है और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच, बुधवार को होगा पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही पथरिया थाना पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
ग्रामीणों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि ग्रामीण समय रहते लकड़ी और डंडे की मदद से बिजली की केबल को गेट से अलग नहीं करते, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। समय रहते बिजली का संपर्क टूटने से परिवार के अन्य लोगों की जान बच गई। अब पुलिस और बिजली विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं कि आखिर सर्विस लाइन की केबल कैसे टूटी और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लापरवाही कहां हुई।