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Damoh: वन कर्मियों ने बनाए खुद के नियम, एक के मानदेय पर रख लिए दो चौकीदार, वन समिति अध्यक्ष का आरोप

Sat, 03 Aug 2024 04:01 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

रोशन यादव वन समिति सेहरी से अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया की एक चौकीदार को एक प्लाटेशन में रखने का प्रवधान है। जिसका मानदेय 10186 है, लेकिन तेंदूखेड़ा उपवन मंडल के आधीन आने बाली रेंजों में एक वेतन का भुगतान दो जगह होता है
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आरोप लगाते वन समिति अध्यक्ष
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विस्तार
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र में आने वाली रेंजों में वन कर्मियों ने विभाग से हटकर अपने खुद के नियम बना लिए है। वन कर्मियों ने एक चौकीदार के मानदेय पर दो चौकीदार रख लिए। वन समिति अध्यक्षों ने ऐसे आरोप लगाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब एक रेंज के रेंजर ने सुरक्षा श्रमिकों के मानदेय में कटौती की तो उस रेंज के कई अध्यक्ष एक राय हो गए और उन्होंने इस नियम का विरोध करना शुरू कर दिया।
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एक का नियम लगे दो कर्मचारी
वन विभाग प्रतिवर्ष पौधरोपण कार्य करता है और उस पौधरोपण की रखबाली के लिए चौकीदार लगाया जाता है। वन समिति अध्यक्ष रोशन यादव नें बताया कि प्लांटेशन में एक चौकीदार का नियम होता है, जिसे तीस दिन सेवाएं देने के बदले 10186 रुपया मानदेय वन विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है, लेकिन तेंदूखेड़ा उपवन मंडल की रेंजो में ऐसा नहीं है। यहां एक व्यक्ति के मानदेय पर दो लोगों को रखा जाता है और पैसे का वितरण भी दोनों के बीच कर दिया जाता है। साथ ही सेवाओं का कोई निश्चित समय नहीं है। इसलिए इसका विरोध मेरे साथ अन्य वन समिति अध्यक्ष भी कर रहे हैं। हम इस प्रकिया में सुधार करने की मांग करते हैं। क्योंकि, आज के समय में दस हजार रुपये में एक परिवार का भरण पोषण नहीं होता। वन विभाग ने गरीबों का मजाक बना लिया है। वह तीस दिन सेवाओं के बदले तेरह दिन का मानदेय चौकीदारों को दे रहे हैं और उसमे भी कटौती कर लेते हैं, जो गलत है।

5083 में लेते हैं तीस दिन सेवाएं
तेंदूखेड़ा, तेजगढ़, तारादेही और झलोंन रेंज से यह मामले निकलकर सामने आए हैं। जहां कई वर्षों से चौकीदारों के रूप में सेवाएं देने बाले चौकीदार को अब उनका आधा मानदेय दिया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ चौकीदार तो ऐसे लगे हैं जिन्हें कभी कार्य करते नहीं देखा, लेकिन उनका मानदेय निकल रहा है। झलोंन रेंज के अधीन वन समितियों के अध्यक्षों ने इस प्रक्रिया का विरोध करना शुरू कर दिया है। लगभग पांच से छह वन समिति अध्यक्ष ने मामले को उजागर करते हुए एक पत्र मिडिया को दिया है।  वन समिति अध्यक्ष बिसानाखेड़ी ने कहा कि जब एक प्लाटेशन में एक चौकीदार का नियम है तो एक को ही रखा जाए और उसको वह पूरा वेतन दिया जाए।  
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झलोन रेंज में सामने आया मामला 
रोशन यादव वन समिति सेहरी से अध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया की एक चौकीदार को एक प्लाटेशन में रखने का प्रवधान है। जिसका मानदेय 10186 है, लेकिन तेंदूखेड़ा उपवन मंडल के आधीन आने बाली रेंजों में एक वेतन का भुगतान दो जगह होता है। गरीब बेरोजगार लोगों ने उस आधी वेतन ने भी अपनी सेवाएं देना मंजूर किया, लेकिन झलोन रेंजर ने उस तेरह दिन के मानदेय में जो 5083 रुपया तीस दिन सेवाओं के बाद बनता है। उसमें भी कटौती कर ली और चार चौकीदारों के मानदेय में से किसी के 300 तो किसी के 400 रुपये काट लिए। इसकी जानकारी लगते ही हम लोग रेंज आफिस पहुंचे और चौकीदारों के निर्धारित समय के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी।

वन समिति अध्यक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर झलोन रेंजर सतीश मसीह ने बताया कि एक चौकीदार के मानदेय पर दो लोग लगाए जाते हैं और एक वेतन को दोनों में आधी, आधी बांटी जाती हैं। कुछ दिन पहले उपवन मंडल अधिकारी तेंदूखेड़ा आए थे उनके निरिक्षण में चौकीदार अनुपस्थित थे, इसलिए उनके निर्देश पर मानदेय काटा गया है। तेंदूखेड़ा उपवन मंडल अधिकारी प्रतिक दुबे का कहना है में प्लाटेशन के निरिक्षण पऱ झलोंन रेज गया था। वहां सुरक्षा श्रमिक अनुपस्थित थे प्लाटेशन में मवेशी घुसे थे इसलिए मैंने अनुपस्थित चौकीदारों का मानदेय काटने के निर्देश दिए थे।
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