दमोह जिले के सिग्रामपुर रेंज की माला वन चौकी के गांव सिमरी खुर्द में सोमवार रात को एक 5 फीट लंबा मगरमच्छ एक युवक के घर में घुस गया। घर में मगरमच्छ देखकर परिजनों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मचने लगी। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और हंड्रेड डायल को सूचना दी। हंड्रेड डायल के पुलिसकर्मियों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया, जिसके बाद बीट गार्ड राजेंद्र चनपुरिया और संदीप राज ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ का रेस्क्यू किया।
मगरमच्छ सोनू राठौर के घर के आंगन से होते हुए उस कमरे में छिपा बैठा था, जहां मवेशी बंधे हुए थे। भैंसों की हलचल की आवाज सुनकर पशुपालक ने देखा तो पाया कि वहां 5 फीट लंबा मगरमच्छ बैठा हुआ है। दहशत में जोर-जोर से चिल्लाने पर परिजन और गांव के लोग इकट्ठा हो गए। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने रात 1 बजे से लेकर 2:30 बजे तक मगरमच्छ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया और उसे जिले के सबसे बड़े माला जलाशय में रात में ही छोड़ दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले 13 जुलाई को भी सिमरी खुर्द गांव में एक मगरमच्छ राजेश बैरागी के घर में घुसा था। चार महीने के अंतराल में यह दूसरी घटना है, जब सोनू राठौर के घर से मगरमच्छ को रेस्क्यू किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक और मगरमच्छ गांव के पास बहने वाली नहर में मौजूद है, जिसे लोग कभी-कभी देख लेते हैं। जिले के सबसे बड़े जलाशय से निकली नहर से मगरमच्छ के बच्चे रहवासी इलाकों की छोटी-छोटी तलैयों में आ जाते हैं। ये तलैयों में पली मछलियों को खाकर बड़े हो जाते हैं और फिर आसपास के घरों में घुसने लगते हैं।