दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के किसान इस समय अपनी जमीन ऑनलाइन नक्शे से गायब होने के कारण परेशान हैं। वहीं, अधिकारी कह रहे हैं कि समस्या ऊपर से बनी है। सरकार के द्वारा खेती संबंधी दस्तावेज ऑनलाइन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लेकिन इसमें टेक्नीकल समस्या आने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। किसान के पास जितनी जमीन है, उतनी जमीन ऑनलाइन नहीं दिख रही। समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। वहीं, अधिकारी ग्वालियर से यह समस्या होना बता रहे हैं, जिसके लिए पत्राचार किया जा रहा है।
इसी तरह का एक मामला तेंदूखेड़ा तहसील अंतर्गत हल्का नंबर 48 से सामने आया है। यहां पर कई किसानों की भूमि खसरा बी 1 में तो है, लेकिन नक्शा से वह जमीन गायब है। ये जानकारी लगते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है और वह सुधार के लिए पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके दस्तावेजों में सुधार नहीं हो पा रहा है।
किसान सुभाष बड़कुल ने बताया, तेंदूखेड़ा तहसील के हल्का 48 में उनकी 40 एकड़ जमीन है। जिसमें बहेरिया माल में 22 एकड़ और बहेरिया रैयत 2 में अठारह एकड़ जमीन है। मैं ज़ब अपनी जमीन का ऑनलाइन नक्शा निकलवाने गया तो बहेरिया रैयत 2 की साढ़े सोलह एकड़ जमीन की जगह सवा एकड़ जमीन नक्शे पर दिख रही है, बाकी जगह नक्शे से गायब है, जिसके सुधार के लिए में कई दिनों से पटवारी और तहसील के चक्कर लगा रहा हूं। लेकिन आज तक सुधार नहीं हो पा रहा है।
किसान द्वारा दी गई जानकारी के बाद हल्का पटवारी धनीराम तेकाम से बात की तो उन्होंने बताया कि हल्का नंबर 48 में बहेरिया रैयत एक का नक्शा 2 में शो हो रहा है। जबकि नक्शा 2 का भाग का एक में शो हो रहा है। यह समस्या किसी एक किसान की नहीं, बल्कि कई किसानों की है। मैंने इस संबंध में तहसीलदार को पत्राचार के माध्यम से सुधार की बात कही है।
ये बोले आधिकारी
तेंदूखेड़ा तहसीलदार सोनम पांडे का कहना है, राजस्व पखवाड़े के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिनका प्रतिवेदन बनाकर जिले में भेजा गया है। वहीं, जिला भूलेख आधिकारी सुलेखा यादव का कहना है, नक्शा की समस्या ग्वालियर से बनी है। दमोह कलेक्टर के माध्यम से पूरे जिले का प्रतिवेदन बनाकर ग्वालियर भेजा गया है, वहीं से सुधार होना है।