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Damoh: प्रत्यक्षदर्शी ने बताया- दोनों तरफ से आ रही थी मालगाड़ी, एएसआई पीछे से आ रही ट्रेन नहीं देख पाए और...

Mon, 11 Nov 2024 03:02 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

प्रत्यक्षदर्शी राहुल रैकवार ने बताया कि एएसआई राजेंद्र मिश्रा ट्रैक पर पड़े दो युवकों के शवों का पंचनामा बना रहे थे। तभी सामने वाले रेलवे ट्रैक से उन्हें एक मालगाड़ी आती दिखी, लेकिन पीछे से आ रही ट्रेन नहीं दिखी, उसी से उनका हाथ टकरा गया।
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एएसआई राजेंद्र मिश्रा और प्रत्यक्षदर्शी राहुल रैकवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह में बांदकपुर रेलवे स्टेशन और करैया भदौली और के बीच रविवार रात हुए ट्रेन हादसे में बांदकपुर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा का हाथ कट गया। वहीं, पायलट गंभीर रूप से घायल हुआ है। घटना कैसे हुई इसको लेकर प्रत्यक्षदर्शी राहुल रैकवार ने बताया कि रात ने एएसआई राजेंद्र मिश्रा रेलवे ट्रैक पर पड़े दो युवकों के शवों का पंचनामा बना रहे थे, तभी सामने वाले रेलवे ट्रैक से उन्हें एक मालगाड़ी आती दिखी।

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उन्होंने हम लोगों से कहा कि ट्रेन आ रही है, सब पीछे आ जाओ, लेकिन पीछे से आ रही ट्रेन उन्हें नहीं दिखी और उसी से उनका हाथ टकरा गया जिससे यह हादसा हुआ है। उसने बताया कि दोनों तरफ से मालगाड़ी निकली थी। हादसे में घायल राजेंद्र मिश्रा और डायल हंड्रेड के पायलट यावर खान को जिला अस्पताल से जबलपुर रेफर किया गया जहां निजी मेट्रो अस्पताल पर उनका इलाज चल रहा है।

कटा हाथ जोड़ने चल रहा प्रयास
जबलपुर में इलाजरत एएसआई के हाथ को जोड़ने की प्लानिंग चल रही हैं। डॉक्टर का कहना है कि रेल हादसे में कटे किसी भी अंग को जोड़ने पर इंफेक्शन की संभावना अधिक होती है। इसलिए सर्जरी शुरू करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह ली जा रही है।
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यह है पूरा मामला
बता दें कि रविवार रात भोपाल बिलासपुर ट्रेन से दो युवक नीचे गिर गए थे, जिनकी मौत हो गई थी। सूचना मिलने के बाद बांदकपुर चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा शवों को खोजते हुए रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे। दोनों शवों का पंचनामा किया जा रहा था, तभी तीसरी लाइन से एक ट्रेन गुजरी जिसकी चपेट में एएसआई राजेंद्र मिश्रा आ गए और उनका एक हाथ कट गया। वहीं, डायल 100 के पायलट यावर खान भी घायल हो गए थे।

वेटर का काम करते थे दोनों मृतक
मृतकों के साथी बंडा निवासी राहुल रैकवार ने बताया कि वह पांच लोग रायपुर में वेटर का काम करते हैं सभी लोग भोपाल बिलासपुर ट्रेन से रविवार को रायपुर जाने के लिए निकले थे। बांदकपुर से करीब 8 किलोमीटर पहले उनके दो दोस्त नीरज सिंह पिता सुख सिंह लोधी (23) और अभिषेक पिता कन्हैया लोधी (21) बाथरूम जाने के लिए गए थे। कुछ देर बाद गेट के पास बैठी कुछ महिलाओं ने चिल्ला कर बताया कि कोई नीचे गिर गया है, हम सभी दौड़कर गेट पर पहुंचे तो देखा कि हमारे दोनों साथी रेल पर ट्रैक पर पड़े हुए थे। हमने चेन खींची, लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। इसके बाद हम बांदकपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी। उसके बाद हम रेलवे ट्रैक से ही पैदल चलते हुए अपने साथियों के पास पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अचानक इसी समय एक तेज रफ्तार ट्रेन वहां से निकली जिसमें पुलिसकर्मी चपेट में आ गए।

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