दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में दो सगे भाइयों का अनोखा प्रेम देखने मिला है। तीन दिन पहले एक भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसका सदमा दूसरा भाई सहन नहीं कर सका और सोमवार को इसी सदमे में उसने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे नगर में इन दोनों भाइयों के बीच प्रेम की चर्चाएं हो रही हैं।
तेंदूखेड़ा के वार्ड आठ में रहने वाले डॉक्टर लखन साहू की तीन दिन पहले बस से कुचलने के कारण मौत हो गई थी। यह सदमा उनके बड़े भाई घनश्याम साहू नहीं झेल सके और हार्ट अटैक में उनकी भी मौत हो गई। पहले डॉक्टर लखन साहू अपने पैतृक घर धनगोर में रहते थे उसके बाद वे तेंदूखेड़ा आ गये और यहां रहने लगे। जबकि बड़े भाई गांव में ही खेती करते थे। शनिवार को बस की टक्कर से डॉक्टर लखन की मौत हो गई थी।
घटना की जानकारी लगते ही भाई-बहन सभी लोग उनके अंतिम संस्कार में तेंदूखेड़ा पहुंचे। लखन की मौत का सबसे ज्यादा सदमा उनके बड़े भाई घनश्याम को लगा। वह भाई की मौत का सदमा नहीं झेल पाए और दुखी रहने लगे। रविवार की रात सीने में दर्द होने पर इलाज के लिए तेंदूखेड़ा शासकीय समुदायक केंद्र लेकर पहुंचे जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बड़े भाई का शव लेकर परिजन ग्रह ग्राम धनगौर पहुंचे जहां सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया।
डॉक्टर लखन साहू की सोमवार को खारी उठनी थी जिसमें परिवार के सभी सदस्य शामिल होने तेंदूखेड़ा में रुके थे। बड़े भाई घनश्याम साहू पहले दिन से ही तेंदूखेड़ा में रुके थे, लेकिन उनका भी निधन हो गया। मृतक घनश्याम के पुत्र ऋषि साहू ने बताया उनके पिता तेंदूखेड़ा में चाचा के घर पर थे। हम लोग भी वहीं थे। रात्रि रविवार की रात्रि दो बजे उनके पिता बाथरूम के लिए गये थे और वहीं पर गिर गये। हम लोग उनको तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए डॉक्टर ने उनको मृत बता दिया। अचानक चाचा के जाने के बाद पिता को सदमा लग गया था