सार
दमोह नगर पालिका में 2007 से कार्यरत 100 से अधिक मस्टर सफाई कर्मियों को सीएमओ ने सेवा से हटा दिया। कर्मचारियों ने विरोध करते हुए उन्हें पुनः काम पर लौटाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती, तो वे आंदोलन करेंगे। नगर पालिका अधीक्षक ने कर्मचारियों से ज्ञापन लिया और अधिकारियों से कार्रवाई का आश्वासन दिया।
दमोह नगर पालिका में 2007 से सेवाएं दे रहे 100 से अधिक मस्टर सफाई कर्मियों को सीएमओ प्रदीप शर्मा ने सेवा से हटा दिया है। इस निर्णय के खिलाफ मस्टर कर्मियों ने सोमवार को ज्ञापन सौंपकर उन्हें वापस काम पर रखने की मांग की। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रभात कछवाह और राम अवतार वाल्मीकि ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए इन कर्मचारियों को हटाया है, जो वर्षों से अपनी योग्यता के आधार पर सुपरवाइजर का काम भी देख रहे थे। कर्मचारियों ने मांग की कि उन्हें पुनः काम पर बहाल किया जाए और जो कर्मी मूल पद पर भेजे गए हैं, उन्हें फिर से सुपरवाइजर बनाया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग तीन दिनों में पूरी नहीं होती, तो वे आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन देने पहुंचे कर्मचारियों की सीएमओ शर्मा से मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद नगर पालिका अधीक्षक अरविंद राजपूत ने कर्मचारियों से ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी मांग वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी और नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि 17 साल से सेवा देने के बाद अचानक उन्हें हटा दिया गया है, जिससे उनके परिवार का भरण पोषण भी कठिन हो गया है।