दमोह के पथरिया में संचालित गुड शेफर्ड स्कूल में बच्चों को नैतिक शिक्षा के नाम पर ईसाई धर्म की पुस्तकें पढ़ाई जा रही थीं। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब वहां पर प्राचार्य का डिमोशन करके उसे शिक्षक बना दिया गया और उसने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में दर्ज कराई।
आयोग के आदेश के बाद डीपीसी ने टीम बनाकर जांच के लिए भेजी तो स्कूल में करीब 30 पुस्तकें ईसाई धर्म से जुड़ी मिलीं। जिन्हें जब्त कराया गया है। इस पर कलेक्टर ने भी इस मामले की जांच के लिए एसडीएम को आदेश दिया है। वहीं, जांच शुरू होने के बाद कोई भी शिक्षक कुछ भी बोलने तैयार नहीं है और स्कूल में ताला लगा हुआ है।
लाइब्रेरी में मिली ईसाई धर्म से जुड़ी पांच तरह की किताबें
दमोह डीपीसी मुकेश द्विवेदी ने बताया, यह संस्था हैदराबाद से संचालित है। इस स्कूल में 700 बच्चे दर्ज हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि स्कूल की लाइब्रेरी में पांच प्रकार की किताबें हैं, जो ईसाई धर्म से जुड़ी हैं। इन किताबों की संख्या अधिक है। यह किताबें 2017 में स्कूल लाई थीं। डीपीसी ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक स्रोत समन्वयक और जन शिक्षक ने जांच की है। हालांकि, अभी तक धर्मातरण जैसे कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन यह पुस्तकें बच्चों को क्यों दी गई थीं, यह जांच का विषय है।
प्रिंसिपल का डिमोशन कर बना दिया शिक्षक
स्कूल के शिक्षक रविशंकर भारती छह माह पूर्व तक गुड शेफर्ड स्कूल में प्रिंसिपल थे। उन्होंने बाल सरंक्षण आयोग और मानव अधिकार आयोग को शिकायत की थी कि स्कूल में ईसाई धर्म की किताबें बांटी जा रही है। जब इसकी जांच की तो यह मामला सामने आया, इसके बाद प्रिंसिपल को शिक्षक बना दिया गया।