दमोह में मंगलवार को अस्पताल चौराहे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान भाजपा और कांग्रेस के समर्थक आमने-सामने आ गए। स्थिति तनावपूर्ण हो रही थी, लेकिन समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं को बारी-बारी से माल्यार्पण करने का अवसर दिया। यदि, पुलिस नहीं पहुंचती तो दोनों गुटों के बीच विवाद बढ़ सकता था।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान शुरू हुआ विवाद
दरअसल, बजरंग दल और भाजपा के कार्यकर्ता अस्पताल चौराहे पर तहसीलदार मोहित जैन को बर्खास्त करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे थे। इस दौरान, भाजपा समर्थक अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए आगे बढ़े। तभी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वहां पहुंच गए। दोनों पक्षों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की कोशिश की। भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने "जय श्री राम" और "जय भीम" के नारे लगाए, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस की तत्परता से विवाद टल
स्थिति तनावपूर्ण होते देख कोतवाली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को पहले माल्यार्पण करने का मौका दिया और उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पुलिस की तत्परता से विवाद टल गया और स्थिति सामान्य हो गई।
कांग्रेस और भाजपा के आरोप-प्रत्यारोप
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रतन चंद्र जैन ने कहा, "गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में डॉ. अंबेडकर का अपमान किया है, इसलिए हम उनका विरोध कर रहे हैं। हम शांति से माल्यार्पण करने पहुंचे थे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने हमें रोकने की कोशिश की।" वहीं, भाजपा नेता विक्रांत गुप्ता ने कहा कि उनका कार्यक्रम पहले से तय था। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार मोहित जैन ने गरीबों के घर तोड़कर मॉल मालिक को फायदा पहुंचाया है। इस अन्याय के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
प्रदर्शन में की गई नारेबाजी
भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान एक युवक को तहसीलदार मोहित जैन की फोटो का मुखौटा पहनाया और नकली नोटों की बारिश कराई। साथ ही, थर्मोकोल से बने घर को "गरीब का घर" नाम दिया और मुखौटा पहने युवक से उसे कुचलवाकर नारेबाजी की।