दमोह शहर के नौगजा पहाड़ी पर 300 फीट ऊंचाई पर बने मंदिर में स्थापित भारत माता की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों ने खंडित करने का प्रयास किया है। प्रतिमा की एक हाथ की अंगुली टूटी हुई है, जबकि दूसरे हाथ का झंडा गायब है। इतना ही नहीं, प्रतिमा के चेहरे को भी बैरंग कर दिया गया है। मंदिर की निगरानी के लिए वहां पर कोई तैनात नहीं है, जबकि नगरपालिका की पानी की टंकी वहीं बनी हुई है।
यह मंदिर 20 साल पहले कुछ युवाओं ने मिलकर बनवाया था। साल में केवल दो बार 15 अगस्त और 26 जनवरी को यहां सामूहिक आरती और पूजन होता है। इन पर्वों के अलावा, यहां कोई नहीं आता-जाता, जिससे यह स्थान असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। इन तत्वों ने न केवल भारत माता की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया है, बल्कि इसे कीचड़ और मिट्टी से बैरंग भी कर दिया है। साथ ही, पहाड़ी पर चढ़ने के लिए बनी अधिकांश सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं।
जानकारी के अनुसार, नौगजा पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा था। इसी के चलते 20 साल पहले शहर के कुछ युवाओं ने यहां भारत माता मंदिर का निर्माण करवाया था, ताकि लोगों का नियमित आना-जाना लगा रहे और अतिक्रमण न हो सके। युवाओं ने चंदा जोड़कर करीब 20 फीट ऊंचे इस मंदिर का निर्माण कराया था। लेकिन, निर्माण के बाद न तो यहां नियमित पूजा-अर्चना की गई और न ही सुरक्षा के कोई प्रबंध किए गए। अब केवल स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर यहां महाआरती होती है। मौजूदा समय में मंदिर के आसपास और पहाड़ी पर तीन से चार फीट की सूखी घास उग आई है। इसके चलते अब यहां असामाजिक तत्वों का आना-जाना बना रहता है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष कपिल सोनी ने कहा, आज ही मंदिर जाकर निरीक्षण करूंगा। वहीं, युवा अखिलेश सिंह और अभिषेक सोनी ने बताया कि इस पहाड़ी पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। यदि यहां चहल-पहल बढ़ेगी, तो असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।
व्यवस्थाओं के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे
नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा ने कहा, "मैं जल्द ही पहाड़ी का भ्रमण करूंगा। वहां पौधरोपण, फेसिंग, सीढ़ियों की मरम्मत सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए जो भी जरूरी होगा, उसका प्लान बनाया जाएगा, ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो।"