दमोह जिले के हटा न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार कौशिक की अदालत ने पिता की हत्या करने वाले बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बेटे ने शादी नहीं कराने पर गुस्से में पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी।
लोक अभियोजक दिलीप सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2022 में मड़ियादो थाना क्षेत्र में धारा 302 का यह मामला दर्ज किया गया था। माखन अहिरवार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि मेरे दादा लुक्का अहिरवार खाट पर सोए हुए थे, तभी किसी ने उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी मारकर उनकी हत्या कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर मामले की विवेचना शुरू की। जांच में पता चला कि मृतक का छोटा बेटा पप्पू अहिरवार घटना के बाद से घर पर नहीं है।
पुलिस ने तलाश कर पप्पू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि बार-बार कहने के बाद भी मेरे पिता मेरी शादी नहीं करा रहे थे। इसलिए रात में शराब के नशे में कुल्हाड़ी मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। करीब तीन वर्ष चले मामले में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी पप्पू को आजीवन कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।