जिले के सरकारी अस्पताल से रेफर होने वाले मरीजों को 108 एंबुलेंस वाहन समय पर नहीं मिल पा रही और इलाज के अभाव में मरीज तड़पते रहते हैं। ताजा मामला जिला अस्पताल से सामने आया है। यहां आईसीयू वार्ड में भर्ती एक महिला को समय पर 108 वाहन उपलब्ध न होने की वजह से जबलपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिजनों ने भी समय पर एंबुलेंस न मिलने के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात सिविल वार्ड एक निवासी हेमलता सोनी 46 की तबीयत खराब होने के चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के चलते उसे आइसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके बावजूद भी उसकी हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों द्वारा जबलपुर रेफर के लिए कहा गया। जिसके बाद महिला के बेटे हर्ष सोनी ने 108 एंबुलेंस को फोन लगाया, लेकिन उस समय उसकी लोकेशन बनवार में थी और कहा गया एक घंटे बाद एंबुलेंस मिलेगी।
जिस पर उन्होंने इंतजार किया। करीब एक घंटे बाद पुनः फोन लगाया तो जबाव मिला कि वाहन में ऑक्सीजन की कमी है। इतना कहकर फोन काट दिया। इधर लगातार बढ़ रहे दर्द की वजह से महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। मामले की जानकारी स्थानीय युवाओं को लगी। जिसके बाद मोंटी रैकवार, जितू ठाकुर, भूपेंद्र अजमानी, अनुज ठाकुर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीएमएचओ व सिविल सर्जन को फोन लगाया, लेकिन उनके द्वारा मोबाइल रिसीव नहीं किया गया।
इसके बाद वार्डबॉय की मदद से एक ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था कर महिला को 108 वाहन से जबलपुर भेजा गया, लेकिन समय पर इलाज न मिलने की वजह से उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर परिजनो ने 108 एंबुलेंस व निजी एंबुलेंस के बीच सांठगांठ कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. राकेश राय का कहना है कि 108 वाहन समय पर नहीं आई। बाद में बताया कि ऑक्सीजन की कमी है। मरीज की जान बचाने के लिए अस्पताल से तत्काल ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया था।