माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा पूरक और फेल हुए छात्रों के लिए अगले महीने 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं का पुनः आयोजन किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षा में आवेदन करने की आज 21 मई अंतिम तिथि है। इस कारण स्कूल भी खोल दिए गए हैं, लेकिन छात्र बहुत कम संख्या में स्कूल पहुंच रहे हैं। छात्रावास बंद हैं और गांव से आने वाले छात्रों के लिए स्कूल की दूरी एक बड़ी समस्या बन रही है। इस कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला है।
यह भी है एक कारण
स्कूलों से जानकारी लेने पर पता चला कि जो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करते थे, वे अब स्कूल के साथ-साथ छात्रावास बंद होने से प्रभावित हैं। दूसरी बार परीक्षा संचालित करने के लिए स्कूल तो खोल दिए गए और कक्षाएं शुरू हो गईं, लेकिन छात्रावास अब भी बंद हैं। ऐसी स्थिति में यदि बच्चे स्कूल में उपस्थिति देना भी चाहें तो यह संभव नहीं है, क्योंकि स्कूल उनके घर से काफी दूर हैं। कई अभिभावकों ने इस संबंध में बताया कि यदि स्कूल के साथ छात्रावास भी खोल दिए जाते, तो बच्चे वहीं रहकर पढ़ाई कर सकते थे।
तेंदूखेड़ा में बंद छात्रावास
तेंदूखेड़ा ब्लॉक में कई छात्रावास संचालित हैं, जो अभी भी बंद हैं। कुछ अधीक्षकों से स्कूल खुलने और छात्रावास बंद होने के संबंध में चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि कुछ छात्रों के फोन हमारे पास भी आए थे, जिन्होंने छात्रावास की जानकारी ली है। नियम अनुसार छात्रावास बंद हैं, लेकिन पिछले वर्ष कलेक्टर के आदेश पर छात्रों को रहने के लिए छात्रावास खोले गए थे। इस वर्ष अब तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। यदि आदेश मिलते हैं, तो छात्रावास खोल दिए जाएंगे।
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क्लास रूम में बैठीं गिनती की छात्राएं
क्लास रूम में बैठे गिनती के छात्र