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Damoh News: भाजपा के मजबूत बूथ प्रबंधन से राहुल की रिकॉर्ड जीत, जानिए कांग्रेस प्रत्याशी की हार के कारण

Wed, 05 Jun 2024 10:45 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

करारी हार पर कांग्रेस प्रत्याशी तरवर सिंह ने कहा कि मुझे ईवीएम और कंट्रोल यूनिट पर संदेह हैं। मैंने सागर में काउंटिंग के दौरान देखा है कि कई कंट्रोल यूनिट की बैटरी 99 प्रतिशत थी। मतदान हुआ, एक महीने से मशीनें स्ट्रांग रूम में रखीं थी। काउंटिंग भी हो गई तो बैटरी बैकअप 99 प्रतिशत कैसे हो सकता है।  
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जीत का प्रमाण पत्र लेते राहुल सिंह
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विस्तार
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दमोह लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राहुल सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी तरबर सिंह को 4 लाख 6 हजार 426 वोट से हराकर बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही दमोह में दसवीं बार भी कमल खिला है। साथ ही भाजपा प्रत्याशी राहुल को रिकार्ड तोड़ मत मिले हैं, इससे पहले किसी भी प्रत्याशी को इतने अधिक मत नहीं मिले थे।

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दमोह में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और कांग्रेस की हार के कुछ कारण निकलकर सामने आए। राहुल सिंह की बड़ी जीत में भाजपा का बूथ प्रबंधन मजबूत रहा, जिससे कार्यकर्ता मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने में सफल रहे। वहीं, कांग्रेस की हार में सबसे बड़ा कारण उनका संगठन रहा, क्योंकि किसी भी विंग में चुनाव के प्रति उत्साह नहीं दिखा। यही कारण रहा कि तरवर सिंह को इतनी बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा की जीत के बड़े कारण
दमोह में भाजपा ने जिस तरह से जीत दर्ज कराकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, इसके कुछ बड़े कारण भी हैं। राहुल ने यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा था। राहुल ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान मोदी सरकार की योजनाओं को जमकर गिनाया। दमोह में प्रधानमंत्री मोदी ने सभा भी की थी। साथ ही दमोह लोकसभा क्षेत्र की विधानसभा सीटों के विधायक और दो मंत्रियों का साथ भी राहुल को मिला। भाजपा का मजबूत बूथ प्रबंधन और सबसे महत्वपूर्ण सभी नेताओं का एकजुट रहना भाजपा की सबसे बड़ी जीत का कारण है।
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कांग्रेस की हार के कारण
कांग्रेस प्रत्याशी तरवर सिंह की हार के प्रमुख कारणों में सबसे बड़ा कारण तो यह है कि उन्हें काफी देर से प्रत्याशी बनाया गया, तब तक राहुल सिंह दमोह लोकसभा की आठों विधानसभा में अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत कर चुके थे। कांग्रेस प्रत्याशी की जमीनी पकड़ कमजोर थी, शहर के मतदाताओं ने तरवर सिंह को देखा तक नहीं। राहुल गांधी जैसे बड़े नेता की एक भी सभा नहीं हुई, बस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक सभा करने आए। निरंतर हार के बाद पार्टी के सभी संगठन निष्क्रिय रहे। जिसके कारण तरवर की कारारी हार हुई।

हार पर बोले कांग्रेस प्रत्याशी?
अपनी करारी हार पर कांग्रेस प्रत्याशी तरवर सिंह ने कहा कि मुझे ईवीएम और कंट्रोल यूनिट पर संदेह हैं। मैंने सागर में काउंटिंग के दौरान देखा है कि कई कंट्रोल यूनिट की बैटरी 99 प्रतिशत थी। पूरा मतदान हो गया, एक महीने से मशीनें स्ट्रांग रूम में रखीं थी। उसके बाद काउंटिंग भी हो गई तो बैटरी बैकअप 99 प्रतिशत कैसे हो सकता है। मैंने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। लेकिन, अफसर सरकार की सुनते हैं। हमारी आपत्ति पर ध्यान नहीं दिया गया है।

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