दमोह के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उन्होंने अब तक इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। इसके विपरीत, भालू लगातार ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं। शनिवार को रिज़र्व के अलग-अलग क्षेत्रों में भालुओं ने दो लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
गाय खोजने जंगल गया व्यक्ति बना शिकार
मुहली रेंज के अंतर्गत छीरारी गांव के 45 वर्षीय राजेश रैकवार की गाय शनिवार को घर नहीं लौटी। जब वह जंगल में गाय को खोजने गए, तो अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। बाद में परिजनों को सूचना मिली, जिन्होंने उन्हें रहली के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
खेत में काम कर रहे बच्चे पर हमला
दूसरी घटना इमलिया चौकी क्षेत्र के ग्वारी गांव में हुई। शनिवार दोपहर नाबालिग प्रहलाद अपने पिता और परिजनों के साथ खेत में काम कर रहा था। अचानक एक भालू ने पीछे से हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर उसके पिता और अन्य लोग दौड़े, जिससे भालू भाग गया। घायल अवस्था में बच्चे को दमोह जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
ग्रामीणों में दहशत, समाधान नहीं
लकलका, ग्वारी और आसपास के गांव टाइगर रिज़र्व क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जहां जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इससे किसान और ग्रामीण काफी परेशान हैं। इससे पहले दमोह कलेक्टर ने लकलका गांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं, जिसमें जंगली जानवरों के आतंक की शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों ने बताया कि जानवर खेतों में घुसकर फसलें नष्ट कर रहे हैं और लोगों पर हमला कर रहे हैं। कलेक्टर ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिज़र्व के डीएफओ को समस्या हल करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला और शनिवार को फिर भालू ने हमला कर दिया।
झापन रेंजर नीरज बिसेन ने बताया कि घायल बच्चे के परिजन उसे लेकर आए थे और उन्होंने भालू के हमले की जानकारी दी। बच्चे को तुरंत दमोह जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत में सुधार हो रहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग आवश्यक कदम उठाने की योजना बना रहा है।
लगातार बढ़ रही भालुओं की संख्या