दमोह शहर के कुछ युवाओं ने एक बेसहारा वृद्ध चौकीदार की मौत होने पर पूरे रीति रिवाज से मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर इंसानियत का परिचय दिया है। दमोह के राय चौराहा स्थित एक गुजराती परिवार में चौकीदार का कार्य करने वाले 74 वर्षीय वृद्ध मोहन चढ़ार को बीमार होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव को अस्पताल के शव गृह में रखवाया गया और पुलिस चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक शुभनारायण यादव ने परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई, लेकिन बुजुर्ग के कोई भी परिजन नहीं मिले।
बुजुर्ग के शव की जानकारी जब शहर की मित्र मंडली कहे जाने वाले युवाओं को लगी तो इस टीम के साहिल विरमानी ने अपने साथियों जेपी मिश्रा, इजराइल खान, प्रकाश गोस्वामी व अन्य साथियों के साथ मिलकर बुजुर्ग के शव का हिन्दू रीति रिवाज के साथ जटाशंकर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया। शहर की मित्र मंडली कहे जाने वाले युवा साहिल उर्फ टिंकल बिरमानी ने कहा कि जिसका कोई नहीं होता उसका हम सभी मित्र मंडली (युवा) आगे आकर पूरी रीती-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराते आ रहे हैं इन बुजुर्ग का अंतिम संस्कार भी हमारे साथियों द्वारा किया गया।