गंगा जमना स्कूल से जुड़ा एक और चौंकाने वाला खुलासा
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दमोह के गंगा जमना स्कूल के हिजाब और धर्मांतरण प्रकरण के सामने आने के बाद अब हर दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं। हिजाब से शुरू हुआ मामला इतना आगे बढ़ जाएगा, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। हाल ही में जब राज्य बाल आयोग के सदस्यों द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया था, तो उसमें स्कूल से मस्जिद की ओर जाने वाला एक गुप्त मार्ग भी टीम को मिला है, जिससे यह प्रतीत होता है कि छात्रों को इस्लामी प्रार्थना पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता होगा। वहीं, दूसरी ओर नर्सरी से ही छात्रों को इस्लाम से जुड़ी शिक्षा दी जाती थी। यह बात राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दमोह कलेक्टर एवं एसपी को लिखे अपने पत्र में कही है।
उनके द्वारा लिखे गए सात बिंदुओं के पत्र में अनेक खुलासे किए गए हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण स्कूल से मस्जिद की ओर जाने वाला एक गुप्त मार्ग है, जिससे प्रतीत होता है कि छात्रों को इस्लामी प्रार्थना पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। उसके अलावा छात्रों को भारत का गलत भौगोलिक नक्शा पढ़ाया जा रहा था, जिसमें भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ करके आधा भारत गायब कर दिया गया है, जो राष्ट्रीय मानचित्र नीति 2005 एवं भारतीय सर्वेक्षण के द्वारा 2016 में जारी विस्तृत दिशा निर्देशों का उल्लंघन है।