मध्य प्रदेश के दमोह जिले में शुक्रवार दोपहर एक युवक पर हुए हमले से सनसनी फैल गई। बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आलमपुर बाईपास के पास एक युवक ने गांव के सरपंच समेत छह लोगों पर उसे जबरन जंगल की ओर ले जाकर मारपीट करने और कुल्हाड़ी से हाथ का पंजा काटने का आरोप लगाया है। घटना के बाद युवक खून से लथपथ हालत में अपने कटे पंजे को पॉलिथीन में लेकर अस्पताल पहुंचा।
घायल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
शौच के लिए रुका था युवक
पुलिस के अनुसार, घायल की पहचान आलमपुर निवासी 33 वर्षीय गुमान पिता खेत सिंह के रूप में हुई है। गुमान ने पुलिस को बताया कि वह शुक्रवार दोपहर खड़ेरी की ओर से बाइक से आलमपुर बाईपास की तरफ जा रहा था। रास्ते में वह शौच के लिए रुका था।
इसी दौरान दो बाइकों से छह लोग वहां पहुंचे। गुमान के मुताबिक, इनमें मुड़ी आदिवासी ने उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आलमपुर गांव के सरपंच अजुद्दी आदिवासी और उसके चार अन्य साथियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे जंगल की ओर ले गए।
जंगल में ले जाकर कुल्हाड़ी से पंजे पर वार करने का आरोप
घायल का आरोप है कि जंगल में ले जाने के बाद उसके साथ मारपीट की गई। इसी दौरान सरपंच अजुद्दी आदिवासी ने कुल्हाड़ी से उसके हाथ के पंजे पर वार किया। हमले में पंजा कटकर अलग हो गया। गुमान के मुताबिक, वह छह लोगों को देखता है, लेकिन उनमें से केवल मुड़ी आदिवासी और अजुद्दी आदिवासी को ही पहचानता है। बाकी चार लोगों की पहचान वह नहीं कर सका।
कटे पंजे को पॉलिथीन में लेकर अस्पताल पहुंचा घायल
हमले के बाद घायल गुमान किसी तरह मौके से निकला और कटे हुए पंजे को पॉलिथीन में लेकर बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। उसकी हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
ड्यूटी डॉक्टर अमन सोनी के अनुसार, घायल को डायल 112 की मदद से उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। उसके हाथ में गंभीर चोट थी और पंजा कट गया था। हालत गंभीर होने के कारण उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया।
कटे पंजे को भी जबलपुर भेजा गया
घायल के कटे हुए पंजे को भी सुरक्षित तरीके से पॉलिथीन में रखकर उसके साथ जबलपुर भेजा गया है। इसका उद्देश्य विशेषज्ञ चिकित्सकों को उपचार की संभावना तलाशने का अवसर देना है। आगे की चिकित्सा प्रक्रिया जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर तय करेंगे।
एक दिन पहले बाइक टकराने को लेकर हुआ था विवाद
गुमान ने पुलिस को बताया कि हमले की वजह एक दिन पुराना विवाद हो सकता है। उसके अनुसार, गुरुवार को वह सरपंच अजुद्दी आदिवासी को बिजली कार्यालय लेकर गया था। वहां से लौटते समय सरपंच ने ढाबे पर चिकन खाने के लिए कहा। दोनों ने वहां खाना खाया और इसके बाद आगे चले।
गुमान का आरोप है कि लौटते समय सरपंच की गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। उसने गाड़ी ठीक कराने के लिए कहा, लेकिन कथित तौर पर सरपंच ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद बाइक पर पत्थर मारने की बात भी घायल ने बताई। गुमान का कहना है कि इसी पुराने विवाद के चलते अगले दिन उस पर हमला किया गया।
डायल 112 पर मिली थी हाथ काटने की सूचना
बटियागढ़ थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी कि आलमपुर निवासी गुमान सिंह का किसी व्यक्ति ने हाथ काट दिया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस की मदद से घायल को अस्पताल पहुंचाया गया।
थाना प्रभारी के अनुसार, घायल को बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामले की जांच की जा रही है और घटना में शामिल लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस घायल के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है। युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और हमले के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।