असल में हिम्मत ने उधारी चुकाने की खातिर 20 लाख के बीमे की राशि लेने के लिए खुद ही साजिश रची थी। मदन की हत्या के बाद हिम्मत ने उसके शव को अपने कपड़े पहना दिए थे और अपना कुछ सामान आस-पास बिखेर दिया था। इस घटना के बाद चूंकि मदन भी लापता था, लिहाजा पुलिस मदन को हत्यारा मानकर जांच कर रही थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर खुलासा हुआ कि 23 जनवरी को शव मदन का था। पुलिस अब हिम्मत पाटीदार पर 10 हजार का ईनाम घोषित कर उसकी तलाश कर रही है।
बहरहाल, हत्याकांड का खुलासा होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भाजपाइयों को संयम से और सोच-समझकर बयान देने की नसीहत दी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हत्या के आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा कि डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि शव हिम्मत पाटीदार के नौकर मदन का है। मदन की हत्या के आरोप में हिम्मत की तलाश की जा रही है।