कोरोना की वजह से देश में 40 दिन का लॉकडाउन लगा हुआ है, ऐसे में अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं और अपने घर लौटने के लिए जूझ रहे हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के मजदूरों के लिए बड़ा फैसला किया है और कुछ जरुरी कदम उठाये हैं। शनिवार को सीएम ने कहा, 'राज्य के अलग-अलग जिलों में फंसे मजदूरों को उनके घर भेजा जाएगा, जिसके लिए गाड़ियों की व्यवस्था की गई है। हालांकि घर भेजने से पहले सभी की जांच होगी।'
उन्होंने इसके अलावा दूसरे राज्यों से भी एमपी के मजदूरों की वापसी की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राजस्थान से भी मजदूरों को वापस ला रही है, वहीं गुजरात से 98 बसों से 2400 मजदूर निकल चुके हैं। इन सबके बीच शिवराज ने दोहराया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए लॉकडाउन के सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा और राज्य की सीमा पर पहुंचने के बाद सभी की जांच की जाएगी, इसके बाद ही उन्हें उनके गांवों में भेजा जाएगा।
वहीं देर रात गुजरात से लौट रहे 2400 मजदूर झाबुआ जिले में पहुंचे जिसके बाद वहां सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। पूरी जांच के बाद 98 बसों से राज्य में पहुंच रहे इन मजदूरों को इनके गांव भेजा जाएगा और इन्हें सभी दिशानिर्देशों का पालन करने के आदेश दिए जाएंगे।