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कोरोना: मध्यप्रदेश में 33 नए मामले आए सामने, संक्रमितों की संख्या 565 हुई, 43 की मौत

Sun, 12 Apr 2020 03:12 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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coronavirus - फोटो : PTI
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मध्यप्रदेश के इंदौर एवं भोपाल में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 33 नए मामले सामने आने के बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 565 तक पहुंच गई है। इनमें से अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है।

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मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संक्रमण के कुल 565 मामलों में सबसे अधिक संख्या राज्य की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर में है जहां सर्वाधिक 311 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। पिछले 24 घंटों में इंदौर में 30 नए मामले सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोविड-19 के लिए पिछले 24 घंटों में तीन नए मामले पॉजिटिव आए हैं। इसी के साथ भोपाल में इस महामारी की चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर अब 134 हो गई है। इंदौर एवं भोपाल के अलावा पिछले 24 घंटे में प्रदेश के किसी हिस्से से नया कोरोना वायरस संक्रमित मरीज नहीं मिला है।
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अधिकारियों ने बताया कि इंदौर एवं भोपाल में मिले कोरोना वायरस संक्रमितों के अलावा उज्जैन में 16, मुरैना, खरगोन एवं बड़वानी में 14-14, विदिशा में 13, होशंगाबाद में 10, जबलपुर में नौ, ग्वालियर एवं खंडवा में छह-छह, देवास में चार, छिंदवाड़ा, श्योपुर एवं शिवपुरी में दो-दो और एक-एक मामला बैतूल, रायसेन, धार, सागर, शाजापुर, मंदसौर एवं रतलाम में समाने आया है। कोरोना संक्रमित एक मरीज दूसरे राज्य का है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 43 लोगों की इस वायरस के संक्रमण से मौत हो चुकी है। इनमें से इंदौर में 32, उज्जैन में पांच, खरगोन एवं भोपाल में दो-दो और देवास एवं छिंदवाड़ा में एक-एक मौत शामिल हैं। मध्य प्रदेश के 52 जिलों में से 22 जिलों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मिले हैं।

उन्होंने बताया कि संक्रमितों में से 41 मरीज अब स्वस्थ हो गए हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। 43 मरीजों के मरने एवं 41 मरीजों के ठीक होने के बाद अब प्रदेश में कुल 481 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। इनमें से 467 मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है, जबकि 14 मरीजों की स्थिति गंभीर है।

इंदौर के कलेक्टर ने कोरोना पर समीक्षा बैठक की

इंदौर के कलेक्टर मनीष सिंह ने आज राजस्व, स्वास्थ्य, खाद्य तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकर कर कोरोना से निपटने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने होम क्वारंटीन लोगों के डाटा इकट्ठा करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। 

इंदौर में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की तीन लाख गोलियां उपलब्ध
इंदौर प्रशासन की तरह से जानकारी दी गई है कि शहर में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की तीन लाख गोलियां उपलब्ध हैं। बताया गया है कि शहर के एमवाय अस्पताल, मनोरमा राजे क्षय चिकित्सालय, श्री अरविन्दो अस्पताल, इंडेक्स अस्पताल को पांच-पांच हजार गोलियां उपलब्ध कराई गई है। साथ ही पुलिस विभाग को भी ये गोलियां दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें सलाह भी दी गई है कि वे यह गोलियां डॉक्टरों की सलाह पर ही लें। वहीं, शहर में 50 हजार से अधिक मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर बांटे गए हैं।

इंदौर में जानवरों की दवा और आहार घर पहुंचा सकेंगी छह एजेंसियां
इंदौर में कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह की पहल पर जानवरों के लिए दवाईयां और पशु आहार की व्यवस्था आसान करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके तहत छह एजेंसियों को घर-घर तथा फार्म हाउस तक पशु-पक्षियों, मछलियों आदि के पशु आहार तथा दवाईयों को प्रदान करने की छूट दी गई है। 

इंदौर में लॉकडाउन की स्थिति के देखते हुए कलेक्टर द्वारा पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों, दवा व्यावसायियों आदि के साथ अन्य आवश्यक सेवाओं में लगी एजेंसियों को भी बैंकों में लेन-देन के लिए अनुमति दी जा रही है। 

प्रभावित क्षेत्रों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया जा रहा
इंदौर शहर में कोरोना वायरस प्रभावित क्षेत्रों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया जा रहा है। जिन घरों में पॉजिटिव मामले मिले हैं, उनके आसपास के 10 नए क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है। इनमें प्रशासनिक अधिकारियों, नगर निगम के अधिकारी, पुलिस के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इन क्षेत्रों में आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। अंदर आने और बाहर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी। डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ आदि की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। 

सात मरीज इलाज के बाद ठीक हुए

मध्यप्रदेश में सात और मरीज रविवार को कोरोना के इलाज के बाद ठीक हुए। इसके साथ ही, इंदौर के अस्पतालों में इलाज के बाद कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि शासकीय मनोरमा राजे टीबी (एमआरटीबी) चिकित्सालय में भर्ती तीन महिलाओं और चार पुरुष संक्रमितों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। इन संक्रमितों की लगातार दो बार कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

उन्होंने बताया कि स्वस्थ होने पर जिन सात मरीजों को एमआरटीबी चिकित्सालय से छुट्टी दी गई, उनमें से दो लोग पड़ोसी खरगोन जिले के रहने वाले हैं। इनमें से एक व्यक्ति पिछले माह पेरिस से खरगोन लौटा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संक्रमण मुक्त हुए इन सात लोगों को अस्पताल से छुट्टी दिए जाने पर डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने ताली बजाकर खुशी जताई।

वहीं, कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद घर लौटते समय सभी मरीजों ने बेहतर इलाज, सुविधाएं और सेवाभाव के लिए डॉक्टर्स, नर्स और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। 

अधिकारियों ने बताया कि शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 के 28 अन्य मरीज भी इलाज के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं। सावधानी के तौर पर ऐसे सभी मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 14 दिन तक घर के अलग कमरे में एकांत में रहने की सलाह दी गई है।

इंदौर में कोरोना संक्रमित तीन महीने की बच्ची तेजी से हो रही ठीक

मध्यप्रदेश के इंदौर में एक तीन महीने की बच्ची अपने 12 साल के भाई सहित परिजनों से कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हो गई थी। वहीं, रविवार को उसका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची अब तेजी से ठीक हो रही है। वह इंदौर की सबसे कम उम्र की कोरोना मरीज थी। उन्होंने बताया कि बच्ची की मां की कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 

श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसएआईएमएस) में छाती रोगों के विभाग के प्रमुख डॉ रवि दोशी ने रविवार को पीटीआई को बताया कि कोविड-19 आईसोलेशन वार्ड में भर्ती यह तीन महीने की बच्ची हमारे अस्पताल की सबसे कम उम्र की मरीज है। वह तेजी से इस खतरनाक बीमारी से ठीक हो रही है। 

दोशी ने बताया कि 12 साल के भाई सहित उसके परिवार के अन्य कोविड-19 रोगियों के संपर्क में आने के बाद वह संक्रमित हो गई। हालांकि उसकी मां कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं है। 

एसएआईएमएस में बाल रोग विभाग की प्रमुख डॉ स्वाति मुलये ने बताया कि बच्ची को चार अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसके पोषण के लिए खास ख्याल रखा जा रहा था। 
उन्होंने बताया कि उसकी दो बार और जांच की जाएगी और यदि उसकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उसे चिकित्सा प्रोटोकॉल के तहत अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। 

बच्ची की मां ने बताया कि उसके परिवार को कई लोग इस खतरनाक वायरस की चपेट में हैं और उसके जीजा की आठ दिन पहले इस वायरस से मौत हो गई। 

मास्क का मजाक उड़ाने वाला युवक संक्रमित

सागर निवासी 25 साल के एक युवक ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले मास्क का मजाक उड़ाने वाला टिकटॉक वीडियो बनाया था। वीडियो में मास्क का मजाक उड़ाते हुए युवक ने कहा था कि इस कपड़े के टुकड़े पर क्या भरोसा रखना, रखना है तो उस ऊपर वाले पर रखो।

अस्पताल से पोस्ट किया भावुक वीडियो
शुक्रवार को युवक की कोरोना रिपोर्ट आई जिसमें वह कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया। युवक को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन में रखा गया है। सागर जिले का यह पहला कोरोना वायरस पॉजिटिव मामला है। युवक ने शनिवार को अस्पताल के बिस्तर से एक टिकटॉक वीडियो बनाया जिसमें उसने कहा, मेरे लिए प्रार्थना करो दोस्तों।
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इंदौर में मरीजों की मृत्यु दर 10.74 फीसदी

अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में पिछले 48 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के जो 49 नए मरीज मिले हैं, उनमें निजी अस्पताल का एक डॉक्टर और एक नर्स भी शामिल हैं। इसके बाद शहर में इस महामारी के मरीजों की तादाद बढ़कर 311 पर पहुंच गई है। इनमें से 32 लोग इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं। यानी फिलहाल शहर में कोविड-19 के मरीजों की मरीजों की मृत्यु दर 10.74 फीसदी है।

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि शहर में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर पिछले कई दिन से राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले कहीं ज्यादा बनी हुई है। इंदौर में कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है।
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