मध्य प्रदेश में शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 198 नए मामले सामने आए। इस तरह प्रदेश में कोविड-19 से संक्रमितों की संख्या 10,641 तक पहुंच गई। राज्य के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटे में इस बीमारी से सात और व्यक्तियों की मौत की पुष्टि हुई है जिससे मरने वालों की संख्या 447 हो गई है।
वही, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि राज्य में काफी हद तक कोरोना वायरस का प्रसार पर नियंत्रण पा लिया गया है। अगर रोजाना करीब 200 मरीज सामने आ रहे हैं तो इतने ही ठीक भी हो रहे हैं।
वहीं, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस के 51 नए मामले सामने आए हैं। कांग्रेस विधायक और पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर खुद को क्वारंटीन कर लिया है।
नए कोरोना संक्रमितों में चार और आठ साल के दो बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, आईसर क्वारंटीन केंद्र भौंरी में फिर से 11 संदिग्धों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके पहले वहां पर नौ कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। एम्स में भी एक मरीज पॉजिटिव मिला है। पिपलानी, शाहजहांनाबाद, ऐशबाग और जहांगीराबाद इलाके में भी कोरोना संक्रमित मिले हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, 1964 नमूनों में से 51 नए मामले सामने आए। इसके साथ अब शहर में संक्रमितों की संख्या 2144 हो गई है। जबकि अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अभी तक 1454 संक्रमित स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
कांग्रेस विधायक ने की कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि
अन्य कोरोना मरीजों का अस्पताल, होम आइसोलेशन और क्वारंटीन केंद्रों में इलाज चल रहा है। कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि डॉक्टरों की सलाह पर खुद को क्वारंटीन कर लिया है। उन्होंने कहा, मैं बीते दिनों गेहूं खरीदी केंद्रों सहित अन्य स्थानों पर नियमित दौरा कर रहा था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग उनका यात्रा इतिहास निकाल रहे हैं।
जो लोग कुणाल चौधरी के संपर्क में आए हैं उनकी भी जांच कराई जाएगी। इससे दूसरे विधायक और नेता भी दहशत में आ गए हैं। मध्यप्रदेश में आगामी 19 जून को होने वाले राज्यसभा निर्वाचन के लिए विधायकों को 'नो-कोविड कॉन्टेक्ट डिक्लेरेशन' देना अनिवार्य कर दिया गया है।
वहीं, भोपाल में 15 जून से कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी धार्मिक स्थल खोलने का फैसला लिया गया है।