संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले 70 दिन से इंदौर के बड़वाली चौकी क्षेत्र में जारी धरना-प्रदर्शन मंगलवार को 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस इलाके को सोशल मीडिया पर इंदौर का शाहीन बाग बताया जाता रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण उन्होंने प्रशासन की अपील पर बड़वाली चौकी में आंदोलन रोका है। बहरहाल, यह कदम दिल्ली पुलिस द्वारा राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को मंगलवार सुबह हटाए जाने के तत्काल बाद उठाया गया।
इस बीच, मध्यप्रदेश में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई वाली भाजपा सरकार भी काम-काज शुरू कर चुकी है। कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण जिले में कल सोमवार से लागू लॉक डाउन के बीच शहर की बड़वाली चौकी के प्रदर्शनस्थल पर मंगलवार को सन्नाटा पसरा था।
धरना-प्रदर्शन स्थगित किये जाने के बाद वहां कुछ लोगों को तम्बू, बैनर-पोस्टर और अन्य सामान हटाते देखा गया। बड़वाली चौकी के सीएए विरोधी आंदोलनकारियों की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा गया, कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण जिले में लागू लॉकडाउन को देखते हुए हमने प्रशासन की बात मानकर अपना धरना-प्रदर्शन 31 मार्च तक के लिये स्थगित कर दिया है।