कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) के सक्रिय होते ही मध्य प्रदेश में फिर सख्ती बढ़ने लगी है। भोपाल और इंदौर में कोरोना के केस फिर बढ़ रहे हैं। इसी वजह से कोरोना से जुड़े प्रतिबंधों को दो हफ्ते बाद फिर लागू किया गया है। 17 नवंबर को राज्य में कोरोना संबंधी सभी प्रतिबंधों को हटा लिया गया था। अब फिर से गाइडलाइन जारी हुई है। भोपाल के बाजारों में बिना मास्क मिलने पर अब 100 की जगह 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। इसी तरह, इंदौर-भोपाल एयरपोर्ट पर आने वालों यात्रियों के लिए RTPCR कराना अनिवार्य किया गया है।
भोपाल में मिले 14 केस
मंगलवार को मध्य प्रदेश में कोविड-19 केस बढ़कर 7,93,170 हो गए। नए 20 केस सामने आए हैं। 14 केस भोपाल में हैं। अब तक 7,82,523 लोग पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं। 10,528 लोगों की मौत हुई है। राज्य में इस समय 119 एक्टिव कोविड-19 केस हैं। 27 अक्टूबर के बाद पहली बार भोपाल में नए केस की संख्या 10 से अधिक हुई है। इसी को देखते हुए भोपाल में होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करने की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। टीटी नगर स्थित काटजू हॉस्पिटल को कोविड-19 केयर सेंटर बनाया गया है। यानी अगर कोई पॉजिटिव केस मिलता है तो उसे अस्पताल में भर्ती करना अनिवार्य होगा। घर पर रहकर इलाज नहीं करा सकेंगे। सख्ती की जा रही है ताकि लक्षण कम होने पर बाजार में घूमने-फिरने और अन्य लोगों तक इंफेक्शन पहुंचाने से लोगों को रोका जा सके। बाजारों में लापरवाही सामने आई तो नगर निगम दुकान को सील कर देगा। कलेक्टर के आदेश के मुताबिक बिना दोनों डोज लगे कर्मचारी मिलने पर संस्था पर कार्रवाई होगी। शादी समारोह और अन्य आयोजनों को लेकर भी गाइडलाइन जारी की जाएगी।
कॉलेज ऑफलाइन ही चलेंगे
उच्च शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ऑनलाइन पढ़ाई बंद कर दी गई है। अब सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन ही पढ़ाई होगी। इस आदेश से काफी उलझनें बढ़ गई हैं।
कैबिनेट ने जारी की नई गाइडलाइन
मध्य प्रदेश सरकार ने 17 नवंबर को कोरोना से जुड़ी सभी पाबंदियों को हटा लिया था। 13 दिन बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक की। राज्य में अलर्ट जारी करते हुए गाइडलाइन भी जारी की है। सरकारी और प्राइवेट स्कूल 50% क्षमता से खुलेंगे। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर सख्ती की जाएगी।
इंदौर-भोपाल एयरपोर्ट पर होंगे टेस्ट
इंदौर और भोपाल की यात्रा करने वाले हवाई यात्रियों को शहर में प्रवेश करने से पहले RTPCR टेस्ट कराना होगा। उन्हें 48 घंटे पुरानी निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। अगर वे रिपोर्ट नहीं दिखा सकेंगे तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही जांच करानी होगी। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों की रैंडम जांच की जा रही है।