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शिव महापुराण में पंडित जी के विवादित बोल: कार वाली बहू न लाएं, वो घर आते ही अपनी सरकार चलाएगी

Sun, 06 Mar 2022 09:15 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर जिले में शिव महापुराण जारी है। कथा के छठे दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने विवादित बातें कह दीं। उन्होंने कहा कि कार वाली बहू घर में आते ही अपनी सरकार चलाएगी, इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपकी बहू सेवा करे, तो आप संस्कार वाली बहू लाएं।
 
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कथा के छठे दिन गणेश विवाह का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
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शिव महापुराण के छठे दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने विवादित बातें कह दीं। उन्होंने कहा कि कार वाली बहू घर में आते ही अपनी सरकार चलाएगी, इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपकी बहू सेवा करे, तो आप संस्कार वाली बहू लाएं।
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पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दहेज में भले कार न दें पर अपनी बहू को अच्छे संस्कार जरूर दें। जो बहू लाते हैं उनसे निवेदन है आप कार वाली बहू न लाएं, संस्कार वाली बहू लाएं। जिस गांव में पानी नहीं होता है, वहां की फसल खराब हो जाती है, वहीं जहां संस्कार नहीं होते, वहां की पीढ़ी बिगड़ जाती है।

जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, महिलाओं को सिलाई मशीन के अलावा विद्यार्थियों को स्कूल फीस आदि की व्यवस्था की गई।
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श्री मिश्रा ने कहा कि कर्म इस संसार में आने वाला हर जीव करता है, मगर भगवान शिव की आराधना और भक्ति केवल मानव तन से ही संभव है। उसके बाद भी कुछ लोग अपने कर्म और भक्ति के बाद स्वर्ग पाने की इच्छा मन में पालते हैं। उन्हें पता नहीं होता है कि जिसे वे स्वर्ग पाने का रास्ता समझते हैं, उस मानव तन को पाने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं, क्योंकि मानव देह पाने के बाद ही भक्ति रस से मिलने वाले आनंद का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिसके हृदय में बदला लेने की भावना रह-रहकर धधक रही थी। वह था गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा। उसने युद्ध के नियम ताक पर रख दिए और हाथ में तलवार लिए पांडवों के शिविर में प्रवेश किया। उसने द्रौपदी के पुत्रों का वध कर दिया। मनुष्य के अंदर बुराई रहती है तो बदले की आग भड़कती है।
 
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सीहोर में कथा सुनने उमड़े भक्त। - फोटो : अमर उजाला

तारकासुर के वध का वर्णन
शनिवार को भगवान गणेश के विवाह के वर्णन के साथ ही उन्होंने तारकासुर के वध का वर्णन भी किया। कार्तिकेय अतुलित बलशाली थे। उन्होंने छह मुखों से स्तनपान किया। देवता बार-बार शंकरजी से आराधना कर रहे थे कि तारकासुर के वध के लिए कार्तिकेय जी को कहिए। आखिरकार समय आया और कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर दिया।

आज किया जाएगा शिव महापुराण का समापन
विठलेस सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि सात दिवसीय शिव महापुराण का रविवार को समापन किया जाएगा। कथा का श्रवण करने आने वालों के लिए आधा दर्जन से अधिक बड़े-बड़े पंडाल आदि की व्यवस्था की गई है। प्रशासन और सभी सामाजिक संगठनों के द्वारा पूरी व्यवस्था की गई है। जिसके कारण फोरलेन आदि पर वाहनों की जाम की स्थिति निर्मित नहीं हो रही है। श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण कराने के लिए पंडालों में से सीधा प्रसारण दिखाया जा रहा है। इसके अलावा शनिवार को पांच दिव्यांगों को ट्राइ साइकिल, पांच महिलाओं को सिलाई मशीन के अलावा आधा दर्जन विद्यार्थियों के स्कूल की फीस समिति के द्वारा दी गई। 
 
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