कथा के छठे दिन गणेश विवाह का आयोजन किया गया।
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शिव महापुराण के छठे दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने विवादित बातें कह दीं। उन्होंने कहा कि कार वाली बहू घर में आते ही अपनी सरकार चलाएगी, इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपकी बहू सेवा करे, तो आप संस्कार वाली बहू लाएं।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दहेज में भले कार न दें पर अपनी बहू को अच्छे संस्कार जरूर दें। जो बहू लाते हैं उनसे निवेदन है आप कार वाली बहू न लाएं, संस्कार वाली बहू लाएं। जिस गांव में पानी नहीं होता है, वहां की फसल खराब हो जाती है, वहीं जहां संस्कार नहीं होते, वहां की पीढ़ी बिगड़ जाती है।
जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में शनिवार को विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, महिलाओं को सिलाई मशीन के अलावा विद्यार्थियों को स्कूल फीस आदि की व्यवस्था की गई।
श्री मिश्रा ने कहा कि कर्म इस संसार में आने वाला हर जीव करता है, मगर भगवान शिव की आराधना और भक्ति केवल मानव तन से ही संभव है। उसके बाद भी कुछ लोग अपने कर्म और भक्ति के बाद स्वर्ग पाने की इच्छा मन में पालते हैं। उन्हें पता नहीं होता है कि जिसे वे स्वर्ग पाने का रास्ता समझते हैं, उस मानव तन को पाने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं, क्योंकि मानव देह पाने के बाद ही भक्ति रस से मिलने वाले आनंद का अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिसके हृदय में बदला लेने की भावना रह-रहकर धधक रही थी। वह था गुरु द्रोणाचार्य का पुत्र अश्वत्थामा। उसने युद्ध के नियम ताक पर रख दिए और हाथ में तलवार लिए पांडवों के शिविर में प्रवेश किया। उसने द्रौपदी के पुत्रों का वध कर दिया। मनुष्य के अंदर बुराई रहती है तो बदले की आग भड़कती है।