MP News: मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड बहुमत की जीत के बाद भी भारतीय जनता पार्टी अब तक सीएम का चेहरा घोषित नहीं कर पाई है। इसी दौरान प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के सोशल मीडिया पर किये राम-राम वाले ट्वीट को लेकर कई कयास भी लगाए जा रहे थे, क्योंकि प्रदेश के सीएम की कुर्सी की रेस में कई बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राम-राम के क्या मायने हैं। यह कोई नहीं जानता। लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद राम-राम के मायने बता दिये।
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिला है और इसको लेकर पार्टी के सभी नेताओं सहित शिवराज सिंह चौहान लगातार जनता का आभार भी व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। इसी के चलते सीएम खुद प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर जाकर अपनी आभार सभा में जनता को संबोधित भी कर रहे हैं। अपनी ऐसी ही एक आभार सभा को संबोधित करने मुख्यमंत्री चौहान रविवार को खंडवा के सिंगाजी पहुंचे थे।
विज्ञापन
जहां पहले तो उन्होंने संत सिंगाजी के दर्शन कर उनकी आरती उतारी तो वहीं परिसर में हवन पूजन भी किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां मां नर्मदा की भी आरती उतार कर पूजा अर्चना की और निमाड़ के संत सिंगाजी से सभी जनप्रतिनिधियों को पूर्ण शक्ति से कार्य करने की मंगल कामना भी की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के लिए सुखी रहने और निरोगी रहने की मनोकामना भी मांगी।
यहां है राम-राम वाले ट्वीट के मायने
अपने खंडवा जिले के प्रवास के दौरान संत सिंगाजी के दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मीडिया से भी रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया के कई सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान जब मुख्यमंत्री से उनके राम-राम कहने वाले ट्वीट के बारे में मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने मीडिया से कहा कि अगर हम घर में आते हैं तो कहते हैं राम-राम, बीमार हो जाते हैं तो राम-राम कहते हैं। राम हमारे रोम रोम में रमे हैं। राम हमारी हर सांस में बसे हैं। इसलिए मुंह से राम-राम छटक गया।